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जशपुर:
जशपुर पुलिस ने जिले भर के स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और महिला व बाल सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इसी कड़ी में पुलिस टीम ने सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया है।
कार्यक्रम के दौरान डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान और ट्रैफिक प्रभारी उप निरीक्षक खेमराज ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को यातायात के बुनियादी और जरूरी नियमों की जानकारी दी है। पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग, यातायात संकेतों के सही पालन, सुरक्षित ड्राइविंग के तरीके और सड़क हादसों से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की है। इसके साथ ही छात्रों को डिजिटल सुरक्षा के गुर सिखाते हुए साइबर ठगी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और महिलाओं व बच्चों के कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अभिभावकों से एक खास अपील की है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि अभिभावक “बच्चों को गाड़ी नहीं, उनका भविष्य दें” और किसी भी स्थिति में नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।
जशपुर पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए साफ कर दिया है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना कानूनन अपराध है। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो बच्चे के साथ-साथ उसके अभिभावक और वाहन मालिक के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भारी जुर्माना, जेल की सजा, वाहन का पंजीयन निरस्त करने और एक निश्चित अवधि तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी न करने जैसे सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि जनभागीदारी और नागरिकों की जागरूकता से ही एक सुरक्षित और जिम्मेदार समाज का निर्माण संभव है।
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