बतौली। राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की रात बतौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत सम्राट पेट्रोल पंप के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक तेज रफ्तार क्रेटा कार ने स्कूटी सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में स्कूटी सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहद नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश न होने को लेकर आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना को अंजाम देने वाली क्रेटा कार (क्रमांक CG 15 DZ 9849) को सीतापुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) में पदस्थ टाइम कीपर अधिकारी शैलेश सिन्हा चला रहे थे। वह अपनी कार से सीतापुर से अंबिकापुर की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने लापरवाही पूर्वक वाहन दौड़ाते हुए आगे चल रही स्कूटी (क्रमांक CG 15 AL 1554) को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे का शिकार हुआ युवक बंधियाचुवा, अंबिकापुर का निवासी आकाश कुजूर (पिता अमर कुजूर) बताया जा रहा है, जो हादसे के वक्त अंबिकापुर की तरफ ही जा रहा था। PWD अधिकारी की इस घोर लापरवाही के कारण आज एक मासूम युवक अस्पताल के बिस्तर पर अपनी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
टक्कर इतनी भयावह थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और युवक दूर जा गिरा। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घायल आकाश के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं और उसके कान से लगातार खून बह रहा था, जिसे देख स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। पुलिस की मदद से घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में दाखिल कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इस पूरे मामले में बतौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बतौली पुलिस ने दुर्घटनाकारित कार को फिलहाल छोड़ दिया है, जिससे पुलिस की भूमिका को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। बतौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत NH-43 मार्ग पर इन दिनों तेज रफ्तार वाहन काल बनकर दौड़ रहे हैं और जिम्मेदार महकमा मौन साधे बैठा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह और रसूखदार वाहन चालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और की जान जोखिम में न पड़े।


