रायपुर: संसद में महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी पारा चढ़ गया है। मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक बिल को विपक्ष द्वारा समर्थन न मिलने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है। आगामी 20 अप्रैल को राजधानी रायपुर में भाजपा एक विशाल ‘आक्रोश रैली’ निकालेगी, जिसमें प्रदेश भर की हजारों महिलाएं शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री निवास में हुई बड़ी बैठक, रणनीति तैयार
इस मुद्दे को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और संगठन के बड़े नेताओं ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। बैठक के बाद भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने जानकारी दी कि भाजपा इस मुद्दे को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे गांव-गांव तक ले जाया जाएगा ताकि जनता को बताया जा सके कि विपक्ष ने महिलाओं के हक में रोड़ा अटकाया है।
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कल दिग्गज नेता करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
यशवंत जैन ने बताया कि रविवार, 19 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके अलावा आज (शनिवार) दोपहर 12 बजे भी प्रदेश मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई है। इन वार्ताओं के जरिए भाजपा आधिकारिक रूप से विपक्ष के खिलाफ अपना मोर्चा खोलेगी।
54 वोटों के अंतर से गिरा ऐतिहासिक बिल
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को लोकसभा में 21 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद हुई वोटिंग में सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सकी। कुल 528 सांसदों ने वोट डाले। बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। संविधान संशोधन के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन बिल 54 वोटों के कम पड़ने से गिर गया। इस विधेयक के जरिए संसद की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान था।
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