रायपुर/ जशपुर
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और लोक शिक्षण संचालक (DPI) ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर 4 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा है। फेडरेशन ने शिक्षा विभाग में लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगतियों और NPS-OPS कटौती से जुड़े सेवानिवृत्ति लाभों की अनिश्चितता पर विस्तृत चर्चा की।
फेडरेशन के जशपुर जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के साथ सभी मुद्दों पर बेहद सकारात्मक और गंभीरतापूर्वक चर्चा हुई है।
1. प्राचार्य पद के 10% कोटे पर भर्ती की मांग
चर्चा के दौरान फेडरेशन ने ध्यान आकर्षित कराया कि ई तथा टी संवर्ग में स्वीकृत प्राचार्य के पदों पर 90% पद पदोन्नति से और 10% पद सीमित विभागीय परीक्षा द्वारा भरने का नियम है। विभाग ने 90% कोटे के तहत पदोन्नति तो कर दी है, लेकिन 10% कोटे की भर्ती लंबे समय से लंबित है।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नति नियम 5 मार्च 2019 एवं 13 फरवरी 2026 की अनुसूची-दो के अनुसार, इन 10% पदों को अशासकीय/निजी अनुदान प्राप्त स्कूलों और स्वायत्तशासी निकायों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सीमित परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरा जाना है। यह भर्ती लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित किए जाने का प्रावधान है, जिस पर अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाया है।
2. वेतन विसंगति: मिडिल स्कूल एचएम से ज्यादा हुआ प्राइमरी एचएम का वेतन
फेडरेशन ने सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने तथा सीमित विभागीय परीक्षा से चयनित प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक (मिडिल स्कूल) को समयमान वेतनमान देने की मांग उठाई।
>विसंगति पर उठाया सवाल:
वित्त निर्देश 15/2023 (दिनांक 09/05/2023) के तहत प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक को प्रथम उच्चतर वेतनमान लेवल-10 (9300-34800 + 4400 ग्रेड पे) और द्वितीय उच्चतर वेतनमान लेवल-12 (15600-39100 + 5400 ग्रेड पे) स्वीकृत हो चुका है। परंतु, राजपत्रित पद होने के बावजूद प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक के लिए समयमान वेतनमान का आदेश जारी नहीं हुआ है। इसके कारण प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक का वेतन, माध्यमिक विद्यालय के प्रधानपाठक से अधिक हो गया है। विभाग निरंतर ज्ञापन के बाद भी इस विसंगति को नहीं सुलझा पाया है।
3. सहायक शिक्षकों को नहीं मिला त्रिस्तरीय समयमान का लाभ
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश के सभी विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों को वित्त विभाग के आदेशों (वर्ष 2008 और 2018) के तहत दो स्तरीय और तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ मिल रहा है। लेकिन सहायक शिक्षक (ई एवं टी संवर्ग) को आज पर्यन्त केवल क्रमोन्नत योजना का ही वेतन मिल रहा है। जबकि शासन ने 1 अप्रैल 2006 से ही क्रमोन्नत योजना को संशोधित कर समयमान वेतन योजना लागू कर दी थी।
. NPS और OPS कटौती: सेवानिवृत्ति लाभ पर अनिश्चितता
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने NPS और OPS कटौती के कारण कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभों पर मंडरा रहे संशय और अनिश्चितता पर भी विस्तार से चर्चा की। फेडरेशन का कहना है कि NPS योजना के तहत नवंबर 2012 से कर्मचारी एवं सरकार का 10-10% अंशदान जमा हो रहा था। सरकार ने OPS (पुरानी पेंशन योजना) को 1 अप्रैल 2022 से लागू किया है, जबकि कर्मचारियों के हित को देखते हुए इसे नवंबर 2012 से ही लागू किया जाना चाहिए।
अधिकारियों से मुलाकात करने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, महामंत्री आकाश राय, उपाध्यक्ष पवन सिंह, धमतरी जिला अध्यक्ष दयालूराम साहू, राजनांदगांव जिला अध्यक्ष पी आर झाड़े, रायपुर जिला अध्यक्ष देवमणी साहू, दुर्ग जिला अध्यक्ष चंचल द्विवेदी, सचिव नीलम सोनी सहित विनोद कुमार ठाकुर, सीताराम साहू, रोम रात्रे, लक्ष्मीकांत तिवारी और देवेन्द्र साहू प्रमुख रूप से शामिल रहे।


