नई दिल्ली/पलामू: झारखंड की सड़क कनेक्टिविटी को लेकर दिल्ली से एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में पलामू क्षेत्र के लिए दो नए फोरलेन सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। ये दोनों मार्ग पलामू को सीधे ग्रैंड ट्रंक (GT) रोड से जोड़ेंगे, जिससे झारखंड समेत चार राज्यों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
इन दो रूट्स पर बिछेगा फोरलेन का जाल
बैठक में झारखंड सरकार की ओर से दो प्रमुख मार्गों को फोरलेन में तब्दील करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे केंद्र ने प्राथमिकता में रखने का आश्वासन दिया है:
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रूट-1: पलामू के छतरपुर (NH) से नौडीहा बाजार, डुमरिया और इमामगंज होते हुए शेरघाटी (GT रोड) तक।
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रूट-2: कजरी से पाटन, मनातू और चतरा होते हुए ग्रैंड ट्रंक रोड तक।
झारखंड, बिहार, यूपी और छत्तीसगढ़ को होगा सीधा लाभ
ये प्रस्तावित मार्ग न केवल झारखंड के पिछड़े और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर बदलेंगे, बल्कि अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी के लिए ‘लाइफलाइन’ साबित होंगे:
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सुगम आवागमन: इनके बनने से गढ़वा, औरंगाबाद (बिहार), बनारस (यूपी) और छत्तीसगढ़ तक का सफर काफी छोटा और सुगम हो जाएगा।
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व्यापारिक मजबूती: खनिज प्रधान क्षेत्र होने के कारण इन सड़कों के चौड़ीकरण से माल ढुलाई आसान होगी और चारों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
राष्ट्रीय औसत से पिछड़ रहा झारखंड: आंकड़ों ने बदला फैसला
मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आंकड़ों के जरिए राज्य की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि झारखंड में नेशनल हाईवे का घनत्व मात्र 190 किमी (प्रति 1000 वर्ग किमी) है, जबकि राष्ट्रीय औसत 500 किमी है। भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए सड़कों का विस्तार राज्य की अनिवार्य आवश्यकता बन गई है।
नितिन गडकरी का सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मांगों पर सहमति जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन दोनों परियोजनाओं को जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यक्रम में शामिल किया जाए। बैठक में कांग्रेसी नेता अरुण कुमार सिंह और प्रशांत किशोर भी मौजूद रहे, जिन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए बेहतर कनेक्टिविटी को अनिवार्य बताया।


