अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: बुजुर्गों के लिए वरदान बन रहा है ‘योग’, आयुष मंत्रालय ने शुरू कीं कई खास पहलें
नई दिल्ली:
बदलते दौर में सेहतमंद जीवनशैली की मांग और बुजुर्गों की बढ़ती आबादी के बीच ‘योग’ एक बेहद सस्ते, आसान और प्रभावी उपाय के रूप में उभरकर सामने आया है। कम खर्च में वृद्धावस्था को स्वस्थ, सक्रिय और गरिमापूर्ण बनाने के लिए योग को अब एक दैनिक आदत के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में आयुष मंत्रालय ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक कदम उठाए हैं।
बुजुर्गों के लिए विशेष ’10 योगासन का प्रोटोकॉल’
आयुष मंत्रालय ने गैर-संक्रामक रोगों से लड़ने और लक्षित समूहों के लिए साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) “10 योगासन का प्रोटोकॉल” तैयार किया है। इसमें विशेष रूप से बुजुर्गों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। यह उम्र के अनुकूल आसान अभ्यासों पर केंद्रित है, जिससे बुजुर्गों के शरीर का लचीलापन, संतुलन, चलने-फिरने की क्षमता, श्वसन क्रिया और मानसिक खुशहाली में सुधार आता है।
तकनीक आधारित ‘योग 365’ अभियान
योग सिर्फ साल में एक दिन यानी ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर ही न सिमटा रहे, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बने, इसके लिए मंत्रालय ने ‘योग 365’ नाम की एक नई पहल को बढ़ावा दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य तकनीक-आधारित प्लेटफॉर्मों और घर पर आसानी से सीखे जाने वाले मॉड्यूल के जरिए योग को हर दिन लोगों की आदत बनाना है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपना सकें।
समाज को जोड़ने वाली ‘योग समावेश’ पहल
एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम ‘योग समावेश’ यह सुनिश्चित कर रहा है कि योग के लाभ समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक पहुँचें। इसके तहत ‘कुर्सी पर बैठकर किया जाने वाला योग’ (Chair Yoga), हल्के-फुल्के आसन और कम्युनिटी स्तर पर योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इस समावेशी कार्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों की मदद करना है ताकि वे दूसरों पर निर्भर न रहें, समाज में उनका मेलजोल बढ़े और वे पूरी तरह सेहतमंद रह सकें।
स्टार्ट-अप और ‘सेज’ योजना का सहयोग
बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े समाधानों में नवाचार (Innovation) और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार सीनियरकेयर एजिंग ग्रोथ इंजन (SAGE) जैसी योजनाओं के जरिए स्टार्ट-अप्स की भागीदारी को प्रोत्साहित कर रही है। यह योजना बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने के सरकारी प्रयासों को और मजबूती प्रदान कर रही है।
आरोग्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर
जैसे-जैसे बुजुर्गों की सेहत और बिना दवाओं के स्वस्थ रहने (Wellness) पर जोर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इस क्षेत्र में काम करने वाले वेलनेस प्रोफेशनल्स, केयर-गिवर्स, डिजिटल स्वास्थ्य प्रदाताओं और सामाजिक संस्थाओं के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ेगी जो वृद्धावस्था में बुजुर्गों को एक सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकें।
स्वस्थ वृद्धावस्था की ओर एक वैश्विक संदेश
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियां इस बार “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” के विचार को केंद्र में रखकर की जा रही हैं। यह विषय आज के समय में बेहद प्रासंगिक है क्योंकि दुनिया भर में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। भारत एक बार फिर अपनी इस प्राचीन और अमूल्य परंपरा के जरिए वैश्विक स्तर पर सक्रिय, स्वस्थ और सम्मानजनक वृद्धावस्था का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


