जशपुरनगर, 08 अक्टूबर 2026। जशपुर जिले में गुरुवार को स्वास्थ्य शिक्षा, वन्यप्राणी संरक्षण, मतदाता पंजीयन और कर्मचारी हित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहल सामने आईं। कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी से लेकर हाथी-मानव द्वंद्व रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान, युवा मतदाताओं के पंजीयन और शिक्षा विभाग के 55 कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ दिए जाने तक जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में गतिविधियां तेज रहीं।
कंडोरा में शुरू होगा फिजियोथेरेपी कॉलेज, 50 सीटों पर प्रवेश की तैयारी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम कंडोरा में करीब 1.10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हाईस्कूल भवन का उपयोग अब फिजियोथेरेपी कॉलेज के संचालन के लिए किया जाएगा। कॉलेज में 50 सीटों पर इसी सत्र से प्रवेश शुरू करने की तैयारी है।
स्थायी परिसर तैयार होने तक कंडोरा के भवन में कॉलेज का संचालन किया जाएगा। वहीं चराईडांड के पास करीब 13.93 करोड़ रुपये की लागत से फिजियोथेरेपी कॉलेज का स्थायी हाईटेक कैंपस विकसित करने की योजना है।
कॉलेज शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा का अवसर स्थानीय स्तर पर मिलेगा। साथ ही प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने से भविष्य में जिले में फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है।
गजरथ के जरिए हाथी-मानव द्वंद्व रोकने का संदेश
वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह के तहत वन परिक्षेत्र कांसाबेल के हाथी प्रभावित ग्राम साजापानी के प्राथमिक शाला चट्टानपारा में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गजरथ के माध्यम से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को हाथियों के व्यवहार, उनके विचरण मार्ग और सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी दी गई।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि हाथी दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं, उसका पीछा न करें और फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास न करें। हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई।
विभाग ने रात के समय अकेले जंगल की ओर जाने, हाथियों के आसपास भीड़ जमा करने तथा पटाखे, आग या तेज आवाज से उन्हें उत्तेजित करने से बचने की सलाह दी। कार्यक्रम का संदेश रहा—हाथी बचाएं, जंगल बचाएं और मानव जीवन सुरक्षित रखें।
जिले में अब तक 8654.1 मिमी वर्षा, मनोरा सबसे आगे
जिले में 1 जून से 8 अक्टूबर 2026 तक कुल 8654.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में पिछले 10 वर्षों की औसत वर्षा 11280.5 मिमी रही है, जो सामान्य वर्षा का 76.7 प्रतिशत है। 8 अक्टूबर को जिले में कुल 7.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
तहसीलवार आंकड़ों में मनोरा में सर्वाधिक 1354.7 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जबकि कुनकुरी में 1175.2 मिमी, सन्ना में 1060.5 मिमी, कांसाबेल में 905.0 मिमी और बगीचा में 877.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मनोरा में दर्ज वर्षा सामान्य का 116.3 प्रतिशत रही। वहीं 8 अक्टूबर को सर्वाधिक 5.0 मिमी वर्षा जशपुर तहसील में हुई।
31 अक्टूबर तक चलेगा युवा मतदाता पंजीयन अभियान
जिले में छूटे हुए और नए पात्र युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 17 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण कर चुके युवाओं तथा 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवाओं के पंजीयन को आसान बनाया जाएगा।
बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर पात्र युवाओं से संपर्क करेंगे। प्रत्येक सप्ताह बुधवार और गुरुवार को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। पात्र नागरिक ईसीआईनेट मोबाइल ऐप अथवा भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के माध्यम से फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
स्कूलों और महाविद्यालयों में गठित निर्वाचक साक्षरता क्लबों के माध्यम से भी विद्यार्थियों को मतदाता पंजीयन की जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा विभाग के 55 कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने लंबे समय से समयमान वेतनमान की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा के मार्गदर्शन में 11 लिपिक और 44 भृत्य सहित कुल 55 कर्मचारियों के समयमान वेतनमान के आदेश जारी किए गए हैं।
आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों ने इसे लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने के रूप में स्वागत करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इससे पहले भी डीईओ श्री नरेंद्र सिन्हा की पहल से लगभग 30 वर्षों से सेवा कर रहे भृत्य कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला था। अब समयमान वेतनमान के आदेश से कर्मचारियों में आर्थिक राहत के साथ विभागीय स्तर पर सकारात्मक कार्य वातावरण बनने की उम्मीद है।
जशपुर में एक ही दिन सामने आईं ये पहलें स्वास्थ्य शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक भागीदारी और कर्मचारी कल्याण जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में जिले में चल रही गतिविधियों को रेखांकित करती हैं।


