जशपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिलों और जशपुर जिले में कथित रूप से जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने के जनविरोधी मुद्दे पर जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक यू. डी. मिंज ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बिजली विभाग जनता पर जानबूझकर भारी आर्थिक बोझ डाल रहा है और डरा-धमकाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर थोपने की तानाशाही कोशिशें की जा रही हैं।
पूर्व विधायक यू. डी. मिंज ने कहा कि ऊर्जा सरप्लस (Surplus) राज्य होने के बावजूद जशपुर का गरीब, मध्यमवर्गीय और विशेषकर आदिवासी परिवार आज आसमान छूते बिजली बिलों की मार झेल रहा है। आम जनता को भारी-भरकम और विसंगतिपूर्ण बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे जनता गहरे आर्थिक संकट में आ गई है।
कानून और धाराओं का खुला उल्लंघन: उपभोक्ताओं के पक्ष में बड़ी बातें
यू. डी. मिंज ने बिजली विभाग की इस तानाशाही को पूरी तरह से गैर-कानूनी बताते हुए विद्युत अधिनियम, 2003 (Electricity Act, 2003) की धाराओं का हवाला दिया और उपभोक्ताओं के अधिकारों को सामने रखा:
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 55 का उल्लंघन: धारा 55 (Section 55) स्पष्ट रूप से कहती है कि बिजली की आपूर्ति केवल एक सही और अधिकृत मीटर के माध्यम से की जाएगी। लेकिन यह धारा कहीं भी उपभोक्ता पर उसकी सहमति के बिना “जबरन” प्रीपेड या स्मार्ट मीटर थोपने का अधिकार विभाग को नहीं देती। विद्युत आपूर्ति संहिता (Supply Code) और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के नियमों के तहत, मीटर बदलना या अपग्रेड करना एक प्रक्रिया है, न कि जनता को डराने या जबरन कनेक्शन काटने का कोई हथियार।
सहमति का अधिकार (Right to Consent): विद्युत नियमों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत स्मार्ट या प्रीपेड मीटर लगाना मूल रूप से स्वैच्छिक (Optional) और पारदर्शी होना चाहिए। बिना उपभोक्ता की लिखित सहमति और बिना उन्हें इसके तकनीकी व आर्थिक प्रभावों को समझाए, पुराने चालू मीटर को बदलना पूरी तरह से अवैध है।
धारा 56 (Section 56) का दुरुपयोग: बिजली विभाग के अधिकारी और निजी ठेका एजेंसियां ग्रामीण और भोले-भाले आदिवासियों को धारा 56 (जिसके तहत बिल न पटाने पर कनेक्शन काटने का प्रावधान है) का डर दिखाकर जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही हैं। वैध और चालू पुराने मीटर होने के बावजूद केवल स्मार्ट मीटर न लगाने देने के नाम पर कनेक्शन काटने की धमकी देना एक गंभीर कानूनी अपराध है।
जनता से अपील: बिना लिखित आदेश और सहमति के मीटर न बदलने दें
जिला कांग्रेस कमेटी ने जशपुर की समस्त जनता और उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या निजी ठेकेदार आपके घर बिना आपकी मर्जी के स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचता है, तो डरे नहीं। उपभोक्ता तुरंत उनसे सरकार या विभाग का आधिकारिक लिखित आदेश मांगें। जब तक आपकी लिखित सहमति न हो, तब तक अपने सही चल रहे पुराने मीटर को छूने भी न दें।
उग्र आंदोलन और कानूनी लड़ाई की चेतावनी
पूर्व विधायक यू. डी. मिंज ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “यदि बिजली विभाग ने तुरंत अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, बढ़ते बिजली बिलों की विसंगतियों को दूर नहीं किया और स्मार्ट मीटर के नाम पर गरीबों-आदिवासियों को डराना बंद नहीं किया, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। जिला कांग्रेस पूरे जशपुर जिले में बिजली दफ्तरों का उग्र घेराव करेगी, सड़कों पर चक्काजाम करेगी और जरूरत पड़ने पर इस तानाशाही के खिलाफ माननीय न्यायालय में कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी।”
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस जनविरोधी नीति के खिलाफ पूरी ताकत के साथ जनता के हक में खड़ी है और किसी भी नागरिक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“बिजली बिल के नाम पर जनता से लूट, स्मार्ट मीटर के नाम पर तानाशाही” — जशपुर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला
ये भी पढ़ें-
About Us
CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।
Contact Us
Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244
Important Pages
© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.


