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रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवारने वाले कई दूरगामी और क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। सरकार ने इस बैठक के माध्यम से जहाँ एक ओर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को अभेद्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल क्रांति और युवाओं के लिए रोजगार के नए आसमान भी खोले हैं।
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नशे और आतंकी खतरों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
प्रदेश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मंत्रिपरिषद ने नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए रायपुर, बस्तर, बिलासपुर और दुर्ग समेत 10 प्रमुख जिलों में ‘एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स’ के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए 100 नवीन पदों का सृजन किया गया है। साथ ही, आतंकी हमलों और किसी भी आकस्मिक गंभीर खतरे से त्वरित निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय के तहत एक विशेष प्रशिक्षित ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ (SOG) बनाने का निर्णय लिया गया है। यह टीम आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस होगी, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मोर्चा संभालेगी।
आसमान में करियर और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार
युवाओं को विमानन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर देने के लिए राज्य के हवाई अड्डों पर निजी सहभागिता से ‘उड़ान प्रशिक्षण संगठन’ (FTO) स्थापित किए जाएंगे। अब छत्तीसगढ़ के युवा अपने ही राज्य में पायलट ट्रेनिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण ले सकेंगे। डिजिटल मोर्चे पर सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति’ को हरी झंडी दे दी है, जिससे 2030 तक सभी सरकारी सेवाएं सुरक्षित क्लाउड पर शिफ्ट हो जाएंगी। इसके अलावा, नई ‘मोबाइल टावर योजना’ के माध्यम से बस्तर जैसे सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को नई गति मिलेगी।
आम जनता को राहत और शहरी विकास को नई गति
शहरी क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिपरिषद ने हाउसिंग बोर्ड और रायपुर विकास प्राधिकरण की 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निकायों को सौंपने का फैसला किया है। इस ऐतिहासिक निर्णय से अब निवासियों को दोहरे मेंटेनेंस शुल्क से मुक्ति मिलेगी और उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही, नवा रायपुर में सरकारी कामकाज को अधिक सुगम बनाने के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। राज्य में निवेश और नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26’ का भी अनुमोदन किया गया है, जो प्रदेश को देश के प्रमुख नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
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धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण
सिरपुर और अरपा तटीय क्षेत्रों के योजनाबद्ध विकास के लिए सरकार ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए संबंधित जिला कलेक्टरों को अधिकार सौंपे हैं। मात्र 1 रुपये के टोकन प्रीमियम पर भूमि आवंटन से इन क्षेत्रों में मास्टर प्लान का क्रियान्वयन तेजी से हो सकेगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय विकास को नए पंख लगेंगे।

