**रायपुर:** छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी अपने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक धारदार बनाने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत करने जा रही है। राजधानी रायपुर के समीप अभनपुर स्थित मंगल भवन में 21 जून से दस दिवसीय संगठन सृजन अभियान और प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति है, जो न केवल प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे, बल्कि सभी जिला अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद भी स्थापित करेंगे।
एआईसीसी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा पीसीसी और सभी जिला अध्यक्षों को भेजे गए आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर की इकाइयों को और अधिक सशक्त बनाना है। राहुल गांधी इस दौरान प्रत्येक जिले की राजनीतिक, सामाजिक और वहां चल रही अन्य संगठनात्मक गतिविधियों की बारीक जानकारी लेंगे। संगठन के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, इस शिविर के समापन के बाद जिला कांग्रेस कमेटियों को बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक अधिकार सौंपे जा सकते हैं, ताकि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम हो सकें और सीधे एआईसीसी के संपर्क में रहकर काम कर सकें।
इस मेगा ट्रेनिंग कैंप को सफल बनाने के लिए पीसीसी को एआईसीसी के प्रशिक्षण विभाग के साथ मिलकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीसीसी अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और एआईसीसी के महासचिवों को प्रशिक्षण के शुरुआती दो दिनों और अंतिम दो दिनों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। वहीं, इस आयोजन को लेकर राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस शिविर में शामिल हो सकते हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए एक नई कार्ययोजना तैयार करने और संगठन में जमीनी स्तर पर व्यापक बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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