बीजापुर जिले के रूद्राराम स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में 7 छात्राओं से कथित बैड टच और छेड़छाड़ के गंभीर मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना की जानकारी सामने आते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीजापुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को तत्काल सख्त और विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम के निर्देश के बाद भोपालपटनम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दय्या के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शिक्षक पर गलत नीयत से आपत्तिजनक स्पर्श का आरोप
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को एक पीड़िता की मां ने थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि विद्यालय में अध्ययनरत उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ आरोपी कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दय्या ने कथित तौर पर गलत नीयत से आपत्तिजनक स्पर्श कर छेड़छाड़ की थी। पीड़िता ने जब इसका कड़ा विरोध किया, तो शिक्षक ने अलग-अलग मौकों पर दोबारा ऐसी हरकतें दोहराने की कोशिश की। मामले में विद्यालय की अन्य छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।
दोषी किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दो टूक कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि: मामले की गहन जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, दोषी किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। यदि किसी भी स्तर पर शिकायत को दबाने, छिपाने या कार्रवाई में देरी करने का प्रयास पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की भी जवाबदेही तय कर उन पर कार्रवाई होगी। छात्राओं के लिए ऐसा सुरक्षित तंत्र विकसित किया जाए, जिससे वे बिना किसी डर या संकोच के अपनी बात रख सकें। पीड़ित छात्राओं को आवश्यक काउंसलिंग और मदद उपलब्ध कराई जाए।
प्रदेशभर के बालिका छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा समीक्षा के निर्देश
बीजापुर की घटना के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को व्यापक सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए हैं। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। सुरक्षा प्रोटोकॉल, अधीक्षकों की नियमित उपस्थिति और शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि माता-पिता के भरोसे की रक्षा हो और बेटियों को भयमुक्त वातावरण मिले।


