डिजिटल पत्रकारिता में जब अधिकांश मीडिया संस्थान सोशल मीडिया के बदलते एल्गोरिदम, सनसनीखेज शीर्षकों और विज्ञापनों पर लाखों रुपये खर्च करके ट्रैफिक जुटाने की होड़ में लगे हैं, तब मध्य भारत के एक रीजनल न्यूज प्लेटफॉर्म ने तथ्यात्मक पत्रकारिता और जनसरोकार के दम पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ताजा आधिकारिक एनालिटिक्स रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने कुल 50 लाख (5M) पेजव्यू, 1.64 करोड़ (16.4M) इवेंट काउंट और 40.7 लाख (4.07M) सेशंस का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस दौरान कुल 9.50 लाख (950,833) एक्टिव पाठकों ने पोर्टल पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जिनमें से 8.95 लाख नए पाठक सीधे जुड़े हैं।
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एल्गोरिदम का मोहताज नहीं, 88% पाठक सीधे पहुंचे पोर्टल पर
इस रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला और मजबूत पहलू पाठकों की सीधी वफादारी (Brand Recall) है। कुल 40.7 लाख सेशंस में से 35 लाख सेशंस (88% हिस्सा) और 8.37 लाख एक्टिव यूजर्स बिना किसी सोशल मीडिया लिंक या विज्ञापन के सीधे (Direct) वेबसाइट का नाम दर्ज करके पहुंचे। वहीं, गूगल सर्च (Organic Search) के जरिए 4.17 लाख सेशंस और 1.09 लाख एक्टिव पाठक जुड़े। इसके अतिरिक्त फेसबुक रेफरल से 27.6K, वॉट्सऐप ग्रुप्स से 13K, गूगल न्यूज से 12K और गूगल एएमपी से 9.8K सेशंस प्राप्त हुए। यह आंकड़े गवाही देते हैं कि पाठकों के बीच पोर्टल ने एक भरोसेमंद दैनिक आदत की जगह बना ली है।
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मध्य भारत में इंदौर-भोपाल बने सबसे बड़े केंद्र
रीजनल कवरेज की मजबूती ने मध्य भारत के प्रमुख शहरों में प्लेटफॉर्म को एकतरफा बढ़त दिलाई है:
- इंदौर: सर्वाधिक 75 लाख (475K) एक्टिव पाठकों (59.6% हिस्सेदारी) के साथ डिजिटल लीडर बना रहा।
- भोपाल: राज्य की राजधानी से 30 लाख (130K) पाठकों (16.3%) ने प्लेटफॉर्म पर भरोसा जताया।
- रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी से 65 हजार (65K) एक्टिव यूजर्स ने नियमित खबरें पढ़ीं।
- अन्य प्रमुख शहर: बिहार की राजधानी पटना से 48K, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 29K, जबलपुर से 27K और देश की राजधानी दिल्ली से 23K पाठक नियमित रूप से जुड़े।
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43% वीकली स्टिकिनेस और 3 मिनट का ठहराव
डिजिटल स्पेस में जहां औसतन पाठक 10 से 15 सेकंड में खबर बदलकर आगे निकल जाते हैं, वहीं इस प्लेटफॉर्म पर पाठकों का औसत एंगेजमेंट समय करीब 3 मिनट (2 मिनट 56 सेकंड) दर्ज किया गया। यूजर एक्टिविटी का ग्राफ 30 दिनों में 1 लाख के पीक ट्रैफिक को छू चुका है। वहीं, प्लेटफॉर्म की वीकली यूजर स्टिकिनेस (DAU/WAU) 43% रही, जिसका सीधा अर्थ है कि हफ्ते में आने वाले 43% पाठक रोजाना खबरें पढ़ने लौटते हैं। इसके अलावा मंथली रिटेंशन (WAU/MAU) 23.1% और प्रति एक्टिव यूजर औसत 17.28 इवेंट्स दर्ज किए गए, जो पाठकों के गहरे जुड़ाव को सिद्ध करते हैं।
काम की खबरों ने दिलाई नया कीर्तिमान:
कंटेंट एनालिसिस से साबित हुआ है कि क्लिकबेट की जगह नीतिगत और उपयोगी खबरों को सबसे ज्यादा पाठक मिले और इन्हीं आर्टिकल्स ने प्लेटफॉर्म को सबसे ज्यादा डिजिटल रेवेन्यू भी दिलाया। पूरे प्लेटफॉर्म पर दर्ज हुए 34 लाख ऐड इम्प्रेशन्स और 99.7K ऐड क्लिक्स के जरिए रेवेन्यू अर्जित हुआ, जिसमें शीर्ष 3 आर्टिकल्स की हिस्सेदारी 70% से अधिक रही:
- TET अनिवार्यता पर NCTE का फैसला: शिक्षक पात्रता परीक्षा की इस खबर को सर्वाधिक 66 हजार व्यूज, 34 हजार एक्टिव यूजर्स और मात्र 8% का न्यूनतम बाउंस रेट मिला,
- रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग बदलाव: नए नियमों की खबर ने 29 हजार व्यूज बटोरे
- पीएम कौशल विकास योजना: निशुल्क ट्रेनिंग और रोजगार से जुड़े लेख ने 4K सेशंस के साथ रेवेन्यू जुटाया।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड समय: ‘लोहरदगा-गुमला-कोरबा रेल लाइन सर्वे’ की खबर पर पाठकों ने प्लेटफॉर्म का सबसे लंबा औसत समय यानी 1 मिनट 03 सेकंड बिताया।
- अन्य प्रमुख खबरें: छत्तीसगढ़ प्री-मानसून अपडेट (30K व्यूज), कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (25K व्यूज), सीमेंट मूल्य वृद्धि (21K व्यूज) और समीक्षा बैठक से गैर-हाजिर पटवारी निलंबन (19K व्यूज) की खबरों ने लगातार ट्रैफिक बनाए रखा।
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छात्रों से लेकर कामकाजी वर्ग तक हर तबके की पहली पसंद
पाठकों के व्यवहार के अध्ययन से साफ है कि प्रतियोगी छात्रों ने शिक्षा और करियर से जुड़ी खबरों पर सबसे कम बाउंस रेट और सबसे ज्यादा पेज स्क्रॉल दर्ज कराए। दैनिक यात्रियों और कामकाजी वर्ग ने रेलवे और मौसम के अपडेट्स पर तुरंत प्रतिक्रिया दी, जबकि कस्बाई और ग्रामीण पाठकों ने जमीन, रेल लाइन और प्रशासनिक फैसलों की खबरों पर सबसे गहरा समय बिताया। 6 लाख से अधिक न्यूजलेटर मॉडल इम्प्रेशन्स और 1.43 लाख इन-डेप्थ स्क्रॉल काउंट यह साबित करते हैं कि यह प्लेटफॉर्म केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि नीतिगत और जनसरोकारी सूचनाओं का एक सशक्त डिजिटल केंद्र बन चुका है।

