रायपुर:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बस्तर के शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (जगदलपुर) में स्टाफ की भारी कमी का एक बड़ा मामला सामने आया है। विधायक सुश्री लता उसेंडी द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न (क्र. 172) के लिखित उत्तर में सरकार ने स्वीकार किया है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक दोनों ही संवर्गों में 80 से 85 प्रतिशत से अधिक पद खाली पड़े हैं।
स्वीकृत पदों के मुकाबले भारी रिक्तियां
विधानसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शैक्षणिक संवर्ग (Teaching Staff) के लिए कुल 265 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 236 पद वर्तमान में खाली हैं। वहीं, गैर-शैक्षणिक संवर्ग (Non-Teaching Staff) की स्थिति भी ऐसी ही है, जहाँ 320 स्वीकृत पदों में से 291 पद खाली पड़े हैं।
यूजीसी (UGC) गाइडलाइंस की अनदेखी
विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं में वर्तमान में 1,898 छात्र पढ़ रहे हैं। यूजीसी (UGC) के नियमों और छात्र क्षमता (3,300) के हिसाब से यहाँ कम से कम 223 नियमित शिक्षक होने चाहिए, लेकिन यूनिवर्सिटी सिर्फ 29 नियमित शिक्षकों के भरोसे चल रही है।यही संकट विश्वविद्यालय से संबद्ध (Affiliated) कॉलेजों में भी देखने को मिल रहा है। वहां 21,972 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और नियमों के मुताबिक 2,037 शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 292 नियमित शिक्षक ही तैनात हैं।
शून्य छात्र संख्या वाले विषय में भर्ती पर सरकार का तर्क
विधायक द्वारा बिना छात्रों वाले विषय में भर्ती निकालने पर उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए कार्यवाहक उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने साल 2024 में इस विश्वविद्यालय को ‘मेरू’ (MERU – Multidisciplinary Education and Research University) का दर्जा दिया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों के तहत ‘सांख्यिकी’ (Statistics) एक ऐसा विषय है, जो इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट जैसे कई अन्य पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए पढ़ना अनिवार्य (इंटर-डिस्कपिलीनरी) होता है। इसी वजह से 14 मार्च 2026 को सांख्यिकी विषय के लिए 1 प्राध्यापक, 2 सह-प्राध्यापक और 4 सहायक प्राध्यापकों के पदों का विज्ञापन जारी किया गया था। सरकार ने बताया कि इस विषय के लिए छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया अभी चल रही है।
भर्ती विवाद की शिकायतें पाई गईं निराधार
विश्वविद्यालय में पूर्व में हुई भर्तियों को लेकर हुई शिकायतों पर स्थिति साफ करते हुए सरकार ने बताया कि इस मामले में गठित जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने 13 फरवरी 2026 को अपना निर्णय दे दिया है। सभी शिकायतें निराधार पाए जाने के कारण इस पूरे मामले की फाइल को अब बंद (नस्तीबद्ध) कर दिया गया है।
इसके साथ ही, बी.एड. और डी.एड. कॉलेजों को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब मिला कि उच्च शिक्षा विभाग खुद कोई बी.एड. कॉलेज नहीं चलाता, बल्कि इनका संचालन स्कूल शिक्षा विभाग और एससीईआरटी (SCERT) के अधीन होता है। कोंडागांव जिले में नया बी.एड. पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।



