जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में उच्च शिक्षा के स्तर और कॉलेजों की साख को लेकर राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के ताज़ा आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों ने जिले के शैक्षणिक संस्थानों की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट कर दिया है, जिसमें कुछ महाविद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन किया है तो कुछ को अपनी गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
सत्र 2023 के मूल्यांकन चक्र में जशपुरनगर के दो प्रमुख संस्थानों, शासकीय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय और शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कन्या महाविद्यालय ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए ‘B’ ग्रेड हासिल किया है। इसी क्रम में पत्थलगांव स्थित शासकीय ठाकुर शोभासिंह महाविद्यालय ने भी वर्ष 2022 में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के चलते ‘B’ ग्रेड प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है।
हालांकि, जिले के कुछ अन्य क्षेत्रों में स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। शासकीय महाविद्यालय कुनकुरी, दुलदुला, तपकरा और नायक नित्यानंद साय महाविद्यालय आरा को वर्तमान में ‘C’ ग्रेड से संतोष करना पड़ा है। सबसे चिंताजनक स्थिति बगीचा स्थित शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरु महाविद्यालय की रही है, जिसे मूल्यांकन में ‘D’ ग्रेड प्राप्त हुआ है। यह ग्रेडिंग दर्शाती है कि यहाँ बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक मानकों में व्यापक सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
इस ग्रेडिंग में सुधार लाने के लिए जिले के सभी महाविद्यालयों ने अब अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। महाविद्यालयों में न केवल अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं, बल्कि शोध कार्यों (Research Papers) के प्रकाशन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तपकरा कॉलेज के छात्रों द्वारा 13 शोध पत्रों का प्रकाशन और दुलदुला कॉलेज में बुनियादी ढांचे जैसे बाउंड्रीवाल निर्माण और तकनीकी शिक्षा (ICT) का विस्तार इसी दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। वहीं, मनोरा, सन्ना और कांसाबेल जैसे नवीन महाविद्यालयों में मूल्यांकन की प्रक्रिया अभी भी प्रारंभिक स्तर पर है।



