रायपुर | 17 मार्च, 2026 आज राजधानी रायपुर में सियासी पारा अपने चरम पर है। एक ओर जहाँ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हज़ारों कार्यकर्ता ‘मनरेगा संग्राम’ के तहत विधानसभा का घेराव करने सड़कों पर उतर रहे हैं।
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सदन के भीतर: मुख्यमंत्री के विभागों पर नज़र
आज विधानसभा की कार्यसूची बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के पास मौजूद 13 प्रमुख विभागों (खनिज, ऊर्जा, जनसम्पर्क आदि) की अनुदान मांगों पर चर्चा होनी है। साथ ही, भू-राजस्व संहिता और नगर निवेश जैसे तीन महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक भी आज पटल पर रखे जाएंगे। वित्त मंत्री आज CAG की रिपोर्ट भी पेश करेंगे, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
सदन की कार्यवाही के समानांतर, कांग्रेस का विशाल विधानसभा घेराव कार्यक्रम शुरू हो चुका है। प्रदेश भर से जुटे कार्यकर्ता मनरेगा मजदूरों के हक, बकाया भुगतान और योजना में कटौती के विरोध में हल्ला बोल रहे हैं। संगठन के निर्देश पर सभी जिलों और ब्लॉकों से भारी संख्या में प्रदर्शनकारी रायपुर पहुंचे हैं, जिससे शहर के कई रास्तों पर आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है।
घेराव की चेतावनी को देखते हुए विधानसभा के चारों ओर सुरक्षा का अभेद्य घेरा बनाया गया है। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।
निष्कर्ष: आज का दिन छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक है। एक तरफ सरकार अपनी नीतियों और बजट को पारित कराने की कोशिश करेगी, तो दूसरी तरफ विपक्ष सड़कों पर अपनी ताकत दिखाकर जनता के मुद्दों को धार देगा।
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