नई दिल्ली: 20 जुलाई 2026 को NEET Paper Leak के विरोध में आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च राजधानी दिल्ली में हिंसक झड़प में बदल गया। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और Delhi Police के बीच टकराव के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। इस घटना में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों समेत 170 से अधिक लोग घायल हुए, जबकि 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। इस प्रदर्शन के बाद अब पूरे देश में NEET परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर बहस तेज हो गई है।
20 जुलाई को कैसे बिगड़े हालात?
सोमवार सुबह से ही हजारों छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जुटने लगे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई और कुछ ही देर में माहौल हिंसक हो गया।
पुलिस का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने और पथराव की कोशिश की, जिसके बाद बल प्रयोग करना पड़ा। वहीं प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण मार्च पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। घटना के बाद संसद मार्ग और लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
- 170 से ज्यादा लोग घायल हुए।
- 70 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
- पुलिस ने लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
- संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई।
- कई रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित रहा।
- प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
- पुलिस ने उपद्रव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई शुरू की।
अब आगे क्या होगा?
20 जुलाई की घटना के बाद पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि छात्र संगठन निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस घटना की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है।
NEET Paper Leak का मुद्दा अब सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाबदेही से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में सरकार और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी।
20 जुलाई 2026 का संसद चलो मार्च देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे ने शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार, जांच एजेंसियां और संबंधित पक्ष इस पूरे विवाद को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

