शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। कांटाटोली से बूटी मोड़ तक नया कनेक्टिंग फ्लाइओवर बनाया जाएगा, जो सीधे कांटाटोली फ्लाइओवर से जुड़ा रहेगा। इससे वाहन बिना रुकावट फ्लाइओवर पर चढ़ सकेंगे और इस पूरे मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा। यह फ्लाइओवर सिरमटोली–कांटाटोली फ्लाइओवर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा।
पथ निर्माण विभाग ने इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 65.65 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। क्षेत्र सर्वेक्षण प्रमंडल, अग्रिम योजना की ओर से डीपीआर तैयार कराया जाएगा, जिसके लिए कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा। डीपीआर में भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टिंग, पुराने कलवर्ट और पुलों को हटाने, साथ ही पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़ी समग्र रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
भारी ट्रैफिक से निपटने के लिए जरूरी परियोजना
विभाग द्वारा बूटी मोड़ से कोकर होते हुए कांटाटोली चौक तक ट्रैफिक का सर्वे कराया गया था। सर्वे में सामने आया कि इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी अधिक है और हाल ही में बनी सड़क इस बोझ को संभालने में नाकाफी साबित हो रही है। इस इलाके में कई अस्पताल और घनी आबादी होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी को देखते हुए फ्लाइओवर निर्माण की योजना बनाई गई है। इंजीनियरों ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मेसरा तक फ्लाइओवर की आवश्यकता बताई है, हालांकि फिलहाल बूटी मोड़ तक डीपीआर बनाकर योजना को स्वीकृत कराने की तैयारी है।
शहर का नौवां फ्लाइओवर होगा यह
कांटाटोली–बूटी मोड़ कनेक्टिंग फ्लाइओवर को शहर के नौवें फ्लाइओवर के रूप में चिह्नित किया गया है। इससे पहले कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाइओवर का निर्माण हो चुका है, जबकि दोनों को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाइओवर का काम जारी है। इसके अलावा अरगोड़ा फ्लाइओवर, करमटोली–चिरोंदी फ्लाइओवर, करमटोली से बरियातू रोड तक सेवन डे अस्पताल मार्ग का प्रस्तावित फ्लाइओवर और रातू रोड फ्लाइओवर जैसी कई योजनाएं भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।नया फ्लाइओवर बनने से न केवल जाम की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि अस्पतालों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आवागमन भी अधिक सुचारु और सुरक्षित हो सकेगा।
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