रक्त वितरण में लापरवाही और पद का दुरुपयोग: जशपुर कलेक्टर ने एम.एल.टी. को किया निलंबित
रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने ई-ऑफिस प्रणाली को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब सरकारी पत्राचार, ज्ञापन और आदेशों की पृष्ठांकित प्रति यानी एंडोर्समेंट पर सक्षम अधिकारियों को अलग से हस्ताक्षर करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह निर्णय प्रशासनिक कामकाज में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करने और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
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अब तक की प्रचलित व्यवस्था में किसी भी सरकारी पत्र के मूल भाग के साथ-साथ उसकी प्रतियों को अन्य विभागों को भेजने के लिए पृष्ठांकित भाग पर भी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य होते थे। वर्तमान में राज्य के अधिकांश कार्यालय ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जहाँ तकनीकी सीमाओं के कारण एक ही डिजिटल हस्ताक्षर प्रक्रिया को दो अलग-अलग स्थानों पर दोहराना जटिल और समय लेने वाला कार्य था। शासन ने इस विसंगति को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि डिजिटल रूप से किया गया एक हस्ताक्षर ही पूरे दस्तावेज की प्रमाणिकता के लिए पर्याप्त माना जाएगा।
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सचिव अविनाश चम्पावत द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश के बाद अब भविष्य में जारी होने वाले आदेशों के पृष्ठांकित भाग में बिना हस्ताक्षर के केवल संबंधित व्यक्तियों या कार्यालयों का नाम स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाएगा। सरकार के इस सरलीकरण से न केवल कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इस नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए शासन के समस्त विभागों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टर्स को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


