नई दिल्ली/रायपुर | 25 मार्च 2026
ग्रामीण भारत में संपत्ति संबंधी विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार की ‘स्वामित्व योजना’ (SVAMITVA Scheme) एक बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रही है। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देशभर में अब तक 2.65 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने आज राज्यसभा में जानकारी दी कि लक्षित 3.44 लाख गांवों में से 3.29 लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। इस आधुनिक तकनीक के जरिए गांवों की आबादी वाली भूमि का सटीक सीमांकन किया जा रहा है, जिससे न केवल विवाद कम हो रहे हैं बल्कि ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर बैंक लोन लेने की सुविधा भी मिल रही है।
छत्तीसगढ़ में ‘स्वामित्व’ की स्थिति:
छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का क्रियान्वयन तेजी से किया जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के अधिसूचित 15,791 गांवों में से सभी गांवों में ड्रोन उड़ान का काम पूरा हो चुका है। अब तक राज्य के 2,557 गांवों के लिए 1,96,757 संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं, जिनमें से 92,545 कार्ड लाभार्थियों को वितरित भी किए जा चुके हैं। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहाँ महिलाओं को संपत्ति में सह-स्वामित्व (Co-ownership) का अधिकार देने का प्रावधान किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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योजना की सफलता की कहानियाँ अब धरातल पर दिखने लगी हैं। जम्मू-कश्मीर से लेकर मध्य प्रदेश तक, वर्षों से लंबित पारिवारिक संपत्ति विवाद इस पारदर्शी ड्रोन मैपिंग के जरिए हल हो रहे हैं। ड्रोन सर्वेक्षण और ‘सीओआरएस’ (CORS) तकनीक के उपयोग से गांव के नक्शे इतनी उच्च सटीकता (High Accuracy) के साथ तैयार किए जा रहे हैं कि सीमा विवाद की गुंजाइश नगण्य हो गई है। तैयार किए गए डिजिटल रिकॉर्ड बैंकों के लिए भी मान्य हैं, जिससे ग्रामीण अपनी जमीन को बंधक रखकर व्यवसाय या खेती के लिए आसानी से ऋण प्राप्त कर रहे हैं। मंत्रालय का लक्ष्य जल्द से जल्द शेष गांवों में भी कार्ड वितरण प्रक्रिया को राज्य सरकारों के समन्वय से पूरा करना है।


