नई दिल्ली | 25 मार्च 2026
देश में एलपीजी सिलिंडर की किल्लत के बीच तेल कंपनियों ने आम आदमी की रसोई पर सीधा प्रहार किया है। अब गैस बुकिंग को लेकर ऐसे कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं का गणित बिगड़ना तय है। नए नियमों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के पास दो सिलिंडर (DBC) कनेक्शन हैं, उन्हें अब एक रिफिल के बाद दूसरे सिलिंडर के लिए कम से कम 35 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं, सरकार की महत्वाकांक्षी उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए यह नियम और भी सख्त है, उन्हें अब 45 दिन के अंतराल के बाद ही अगला सिलिंडर दिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के पास केवल एक सिलिंडर है, उन्हें भी राहत नहीं है, उन्हें 25 दिन बाद ही बुकिंग की सुविधा मिलेगी।
बात सिर्फ दिनों के फेरबदल तक ही सीमित नहीं है। भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने तो बुकिंग की प्रक्रिया को और भी पेचीदा बना दिया है। जिन ग्राहकों ने अपना सालाना 12 सिलिंडर का कोटा पूरा कर लिया है, उन्हें अब ‘हेलो बीपीसीएल’ एप पर जाकर अपनी निजी जानकारियों का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलना होगा। अब आपको बताना होगा कि आपके घर में कितने सदस्य हैं, क्या कोई मेहमान आया है, या फिर घर में कोई शादी-ब्याह या भंडारा जैसा कार्यक्रम तो नहीं है। इन तमाम सवालों के संतोषजनक जवाब देने के बाद ही कंपनी आपकी अगली बुकिंग स्वीकार करेगी।
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इतना ही नहीं, कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई पर भी कैंची चला दी गई है। अब कमर्शियल गैस की आपूर्ति केवल आपातकालीन सेवाओं और शिक्षण संस्थानों तक ही सीमित रखी जा रही है। तेल कंपनियों के इस नए फरमान से मध्यमवर्गीय परिवारों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब जरूरत पड़ने पर भी तुरंत गैस मिलना मुमकिन नहीं होगा। रसोई की इस नई घेराबंदी ने जनता के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है कि आखिर इतने लंबे अंतराल और सवालों की झड़ी के बीच घर का चूल्हा कैसे जलता रहेगा।


