मकर संक्रांति 2026: सूर्य के उत्तरायण होते ही देशभर में उल्लास, आस्था की डुबकी के साथ शुरू हुआ पर्व
रायपुर/अंबिकापुर: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जहाँ पूरा छत्तीसगढ़ उत्सव के उल्लास में डूबा है, वहीं आसमान से बरस रही बर्फीली ठंड ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से लेकर न्यायधानी बिलासपुर और पेंड्रा तक समूचा इलाका भीषण शीतलहर की चपेट में है। पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं के चलते जशपुर और बलरामपुर के मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह के समय घास के मैदानों और गाड़ियों के शीशों पर ओस की बूंदें बर्फ की महीन परत की तरह जमी नजर आईं।
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सरगुजा और बलरामपुर के कुछ दुर्गम इलाकों में पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच डोल रहा है, जिससे यहाँ हाड़ कपाने वाली ठंड का अहसास हो रहा है। पेंड्रा रोड और गौरेला-मरवाही के ऊंचे क्षेत्रों में भी कनकनी इतनी बढ़ गई है कि सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही बेहद कम रही। वहीं बिलासपुर में भी रात के तापमान में अचानक आई गिरावट ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। मकर संक्रांति पर सुबह के समय पवित्र नदियों में डुबकी लगाने पहुँचे श्रद्धालुओं को भी भारी कोहरे और बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ा।
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राजधानी रायपुर की बात करें तो यहाँ भी सुबह की शुरुआत घने कोहरे और ठिठुरन के साथ हुई। हालांकि दोपहर में खिली धूप ने थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन शाम ढलते ही ठंडी हवाओं के फिर से सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो-तीन दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ के इन जिलों में ‘कोल्ड डे’ जैसे हालात बने रह सकते हैं। प्रशासन ने बढ़ती ठंड को देखते हुए प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था तेज कर दी है और लोगों को विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

