छत्तीसगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिलासपुर में नशे के कारोबार पर एक और बड़ी चोट की गई है। रविवार को सिविल लाइन पुलिस और ए.सी.सी.यू. टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 21 किलो गांजा के साथ उत्तर प्रदेश के दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए एक आरोपी ने खुद को सेना का जवान बताकर फर्जी आर्मी आईडी कार्ड दिखाया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसकी चालाकी नाकाम हो गई। पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि गांजा सप्लाई चैन का पूरा राज खोला जा सके।

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रेलवे स्टेशन पर दबिश और गिरफ्तारी

24 अगस्त 2025 को बिलासपुर पुलिस को सूचना मिली कि उसलापुर रेलवे स्टेशन पर दो व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। जैसे ही ए.सी.सी.यू. और थाना सिविल लाइन पुलिस टीम मौके पर पहुंची, दोनों संदिग्ध भागने लगे। जवानों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 21 किलो 100 ग्राम गांजा और मोबाइल फोन बरामद हुए।

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फर्जी सेना आईडी से गुमराह करने की कोशिश

पकड़े गए आरोपी में से एक, रूपेश सिंह (25 वर्ष, प्रयागराज, यूपी) ने पुलिस को खुद को सेना का जवान बताते हुए फर्जी आर्मी पहचान पत्र दिखाया। लेकिन पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आईडी पूरी तरह फर्जी है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने इसी नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल कर रेलवे टिकट बुक किया था।

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आरोपियों की पहचान और नेटवर्क की जांच

  • रूपेश सिंह, पिता रघुराज सिंह, ग्राम कोटवा हनुमानगंज, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
  • विनोद कुमार सिंह, पिता भारत सिंह, निवासी बुड़ियादेवी मंदिर वार्ड 38, प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश)

पुलिस का मानना है कि यह नशा तस्करी का संगठित नेटवर्क है, जिसकी जड़ें यूपी, ओडिशा और आंध्रप्रदेश तक फैली हो सकती हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और कहां सप्लाई होना था।

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एनडीपीएस और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज

गांजा तस्करी के मामले में आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। वहीं फर्जी पहचान पत्र बनाने और उपयोग करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कूट रचना संबंधी धाराएं भी लगाई गई हैं। यानी यह मामला सिर्फ नशा तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें फर्जी आईडी के इस्तेमाल का अपराध भी जुड़ा है।

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पुलिस अधीक्षक ने की टीम की सराहना

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बिलासपुर ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की। SSP ने कहा कि बिलासपुर पुलिस लगातार नशे के खिलाफ मुहिम चला रही है और आने वाले समय में ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए और भी बड़ी कार्रवाई होगी।

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