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विशेष संवाददाता | देवघर
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 (30 जुलाई से 28 अगस्त) को लेकर झारखंड सरकार और रेल प्रशासन ने तैयारियां पूरी तरह तेज कर दी हैं। लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बार एआई (AI) तकनीक, 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं, स्पेशल ट्रेनें और सख्त क्राउड मैनेजमेंट श्रद्धालुओं के अनुभव को खास बनाएंगे।
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श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत: साउथ बिहार एक्सप्रेस पूरे रूट पर बहाल
श्रावणी मेले में जसडीह और देवघर जाने वाले कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है।
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साउथ बिहार एक्सप्रेस (13288/13287 दुर्ग-आरा-दुर्ग): अगस्त माह में चक्रधरपुर मंडल में चल रहे मेगा ब्लॉक के कारण इस ट्रेन को दुर्ग से राउरकेला के बीच ही चलाने का निर्णय लिया गया था, जिसे अब बदलते हुए पूरे सावन माह में पूरे निर्धारित मार्ग पर बहाल कर दिया गया है।
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रूट चार्ट:
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आरा से दुर्ग (13288) – 6, 13, 20 और 27 अगस्त 2026 को चांडिल-कांद्रा-सीनी के परिवर्तित मार्ग से चलेगी।
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दुर्ग से आरा (13287) – 7, 14, 21 और 28 अगस्त 2026 को अपने नियमित मार्ग से संचालित होगी।
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सुरक्षा में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल
श्रावणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाने के लिए पुलिस विभाग ने 20 बिंदुओं के निर्देश जारी किए हैं:
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AI से निगरानी: 24 घंटे चालू रहने वाला कंपोजिट कंट्रोल रूम AI तकनीक की मदद से क्राउड मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण पर नजर रखेगा।
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रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती: बाबा मंदिर परिसर में भीड़ को एक जगह जमा होने से रोकने और कतार को गतिमान रखने के लिए आरएएफ तैनात रहेगी।
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शहर और स्टेशनों पर नियंत्रण: देवघर, दुमका और धनबाद रेलवे प्लेटफॉर्म्स पर भीड़ न बढ़े, इसके लिए बाहर ठहरने के इंतजाम किए गए हैं। अत्यधिक भीड़ होने पर बिहार से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश बिंदुओं पर ही रोका जाएगा।
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मंदिर प्रशासन का बड़ा फैसला: रविवार-सोमवार को ‘शीघ्रदर्शनम’ बंद
बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रशासनिक भवन में डीसी सौरभ भुवानिया और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में पुरोहित समाज की अहम बैठक हुई, जिसमें कई कड़े फैसले लिए गए:
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शीघ्रदर्शनम पर रोक: अत्यधिक भीड़ को देखते हुए रविवार और सोमवार को ‘शीघ्रदर्शनम’ कूपन की व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी।
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वीआईपी (VIP) पूजा बंद: मेले के दौरान वीआईजी, वीवीआईपी और आउट ऑफ टर्न (बिना कतार) पूजा की कोई व्यवस्था नहीं होगी।
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जलार्पण का समय: रविवार और सोमवार को छोड़कर अन्य पांच दिनों में रात 8 बजे तक ही जलार्पण कराया जाएगा।
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हर 5 किलोमीटर पर स्वास्थ्य शिविर, 200 से अधिक डॉक्टर तैनात
स्वास्थ्य विभाग (निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सान्याल) ने कांवरियों की सेहत के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं:
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हर 5 KM पर मेडिकल कैंप: कांवरिया पथ पर प्रत्येक 5 किलोमीटर पर 24 घंटे चलने वाले अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
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डॉक्टरों की शिफ्टवार तैनाती: देवघर में 80-80 डॉक्टरों के दो बैच तैनात रहेंगे। वहीं बासुकीनाथ (दुमका) में 20-20 डॉक्टरों की शिफ्ट रहेगी।
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पैरामेडिकल व CHO स्टाफ: एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन स्थिति के लिए सीएचओ (CHO) और एमपीडब्ल्यू स्टाफ तैनात रहेंगे।
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चमचमाएंगी सड़कें और दुरुस्त होंगी नागरिक सुविधाएं
मुख्य सचिव ने पथ निर्माण विभाग को बासुकीनाथ से देवघर और राज्य के अन्य जिलों से आने वाले सभी प्रमुख मार्गों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा:कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, स्ट्रीट लाइट और नियमित सफाई अभियान चलाया जाएगा।आपात स्थितियों से निपटने के लिए अग्निशमन दल, आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
“प्रशासन और पुरोहित समाज का संकल्प”
“सरकार और जिला प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम, स्वच्छ और सुखद जलार्पण का अनुभव मिले। परंपरा की मर्यादा और सुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय के साथ यह मेला आयोजित होगा।”

