रायपुर:
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों और अन्य स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती और पदोन्नति की रूपरेखा तैयार की गई है। विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक श्री भोलाराम साहू द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न (क्र. 71) के लिखित जवाब में उच्च शिक्षा विभाग का कार्यभार देख रहे राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने रिक्त पदों को भरने के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी सदन पटल पर रखी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों में रिक्त पदों के बावजूद शिक्षण कार्य को प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के साथ-साथ नियमित नियुक्तियों की कार्रवाई भी जारी है।
प्राचार्यों के खाली पदों पर पदोन्नति की कार्रवाई
कॉलेजों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राचार्यों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2024-25 में प्राध्यापक पद से प्राचार्य पद पर पदोन्नति (Promotion) की कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही, वर्तमान में भी प्राचार्यों के शेष रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की प्रक्रिया चल रही है।
1295 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी
महाविद्यालयों में प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों के नियमित पदों को भरने के लिए विभाग द्वारा बड़ी भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है। वर्तमान में विभिन्न विषयों के अंतर्गत कुल 1295 पदों पर सीधी भर्ती (Direct Recruitment) की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, जिसमें शामिल हैं:
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प्राध्यापक (Professors): 595 पद
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सहायक प्राध्यापक (Assistant Professors): 625 पद
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ग्रंथपाल (Librarians): 50 पद
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क्रीड़ा अधिकारी (Sports Officers): 25 पद
लैब स्टाफ की हुई पदस्थापना; चतुर्थ श्रेणी के लिए व्यापम को भेजा प्रस्ताव
शैक्षणिक कार्यों के अलावा कॉलेजों की प्रयोगशालाओं (Labs) को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभाग ने प्रयोगशाला तकनीशियन (Lab Technician) एवं प्रयोगशाला परिचारक (Lab Attendant) के पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं और चयनित उम्मीदवारों को महाविद्यालयों में पदस्थापना (Posting) भी दे दी गई है।
इसके अतिरिक्त, चतुर्थ श्रेणी के अंतर्गत आने वाले भृत्य, चौकीदार एवं स्वीपर के रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जब तक ये नियमित नियुक्तियां पूरी नहीं हो जातीं, तब तक शिक्षण कार्य को सुचारू रखने के लिए कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं (Guest Lecturers) की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।


