रायपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, TET की अनिवार्यता और वेतन विसंगति के मुद्दे को लेकर चल रहे आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का भी प्रांतीय समर्थन मिल गया है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ की प्रमुख मांगों का समर्थन करते हुए शासन से इन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
फेडरेशन द्वारा जारी प्रांतीय समर्थन पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा वरिष्ठता के आधार पर पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए।
TET को लेकर विशेष व्यवस्था की मांग
फेडरेशन ने सेवारत शिक्षकों के लिए अन्य राज्यों की तर्ज पर विशेष TET व्यवस्था किए जाने और उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया है। वर्तमान में शिक्षकों की पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर प्रदेश में लगातार विरोध और आंदोलन हो रहा है।
वेतन विसंगति और पूर्व सेवा गणना पर भी समर्थन
समर्थन पत्र में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने की मांग को भी समर्थन दिया गया है। साथ ही नियुक्ति तिथि से पूर्व की सेवा अवधि की गणना करते हुए क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान, पेंशन सहित समस्त सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की गई है।
फेडरेशन ने कहा कि वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है और उनकी सेवा अवधि एवं वरिष्ठता के अनुरूप पदोन्नति तथा अन्य सेवा लाभ प्रदान किया जाना न्यायोचित है।
22 अगस्त के आंदोलन को मिला समर्थन
शिक्षक साझा मंच द्वारा 22 अगस्त को प्रदेश के विकासखंड स्तर पर धरना, रैली और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आंदोलन की प्रमुख मांगों में TET से सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करना तथा पूर्व सेवा की गणना कर क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान और पेंशन सहित समस्त लाभ देना शामिल है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने राज्य शासन से मांग की है कि शिक्षक साझा मंच की इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
फेडरेशन के इस समर्थन से शिक्षकों के आंदोलन को व्यापक कर्मचारी-अधिकारी संगठनों का समर्थन मिलने के संकेत मिले हैं और 22 अगस्त के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर शिक्षकों में उत्साह बढ़ा है।


