रायगढ़ 28 जुलाई
रायगढ़ कलेक्ट्रेट कार्यालय की राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ एक बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो एसीबी की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू ने सर्पदंश से हुई मौत के बाद मिलने वाली शासन की मुआवजा राशि पीड़ित के बैंक खाते में जमा कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की रकम की गारंटी के तौर पर आरोपी ने पीड़ित से 50 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक लिया था।
क्या है पूरा मामला
एसीबी बिलासपुर में दर्ज शिकायत के अनुसार ग्राम बुलाकी पुसौर निवासी विजय सिदार की पत्नी रामकुमारी की वर्ष 2023 में सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। शासन की योजना के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए राजस्व विभाग में आवेदन किया गया था जिसकी फाइल रायगढ़ कलेक्ट्रेट में लंबित थी।
जब शिकायतकर्ता फाइल आगे बढ़वाने के लिए राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा के बाबू राजकुमार सिदार से मिला तो उसने मुआवजा राशि खाते में डलवाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाबू ने शर्त रखी कि मुआवजा मिलने के बाद नकद रकम देनी होगी और इसकी गारंटी के लिए अभी 50 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक जमा करना होगा।
एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में पकड़ा गया आरोपी
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय आरोपी को पकड़वाना चाहता था। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसीबी बिलासपुर की टीम ने योजना बनाकर ट्रैप बिछाया। 28 जुलाई को जैसे ही शिकायतकर्ता ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में बाबू राजकुमार सिदार को 50 हजार रुपये का हस्ताक्षरित चेक सौंपा एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
एसीबी ने आरोपी बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार बिना नकद रकम दिए सिर्फ रिश्वत की मांग की गारंटी के तौर पर हस्ताक्षरित चेक मांगने और लेते हुए आरोपी के पकड़े जाने का यह अपने आप में पहला मामला है।


