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नई दिल्ली, 26 जनवरी 2026: सुबह की सर्द हवाओं में घुली राष्ट्रगान की गूँज… यह सिर्फ 26 जनवरी का एक और गणतंत्र दिवस नहीं, बल्कि ‘भविष्य के भारत’ की एक भव्य झांकी थी, जिसने कर्तव्य पथ पर उपस्थित हर दर्शक को रोमांचित कर दिया। इस बार परेड ने सिर्फ अतीत के गौरव और वर्तमान की शक्ति का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि ‘बदलते भारत की उड़ान’ को भी अपने हर कदम में समेटा।
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‘एआई के सिपाही’ और ‘ग्रीन वॉरियर्स’ का मार्च:
इस वर्ष की परेड की सबसे बड़ी विशेषता थी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस रोबोटिक इकाइयाँ और हरित ऊर्जा से चलने वाले सैन्य वाहन। पारंपरिक टैंकों और मिसाइलों के साथ, स्वदेशी ‘सर्विलांस ड्रोन’ और मानव रहित सैन्य रोबोट्स ने तालमेल बिठाते हुए मार्च किया, जो यह दर्शाता है कि हमारी रक्षा प्रणाली अब ‘स्मार्ट’ और ‘सस्टेनेबल’ दोनों है। एक अधिकारी ने बताया, “यह सिर्फ सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।”
डिजिटल संविधान’ का विमोचन और टेक-झांकियाँ:
आजादी के 79वें वर्ष में प्रवेश करते हुए, इस बार भारतीय संविधान के ‘डिजिटल संस्करण’ का औपचारिक विमोचन किया गया। इसके साथ ही, कई झांकियां ब्लॉकचेन तकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे भविष्य के विषयों पर आधारित थीं। एक झांकी ने मंगल ग्रह पर भारत के प्रस्तावित मानव मिशन की एक अद्भुत परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसे देखकर लगा कि भारत अब सिर्फ धरती पर नहीं, बल्कि ब्रह्मांड में भी अपनी छाप छोड़ने को तैयार है।
नारी शक्ति’ की नई परिभाषा, ‘युवा शक्ति’ का आह्वान:
इस वर्ष की परेड में महिला सैन्य अधिकारियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिली। फाइटर जेट्स को उड़ाने वाली महिला पायलटों से लेकर, थल सेना की टुकड़ियों का नेतृत्व करने वाली महिला कमांडरों तक, हर तरफ नारी शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन था। इसके अलावा, “भविष्य के निर्माता” थीम पर आधारित एक विशेष युवा टुकड़ी ने भी मार्च किया, जिसमें देश के विभिन्न विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों के युवा आविष्कारक और उद्यमी शामिल थे। यह एक तरह से देश की युवा शक्ति को देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए एक खुला आह्वान था।
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प्रधानमंत्री के संबोधन से उम्मीदों की किरण:
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, “यह गणतंत्र दिवस हमें सिर्फ अपने अधिकारों की याद नहीं दिलाता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और अधिक समृद्ध भारत बनाने के हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। हम एक ऐसे भारत का निर्माण कर रहे हैं जो तकनीकी रूप से सशक्त हो, पर्यावरण के प्रति जागरूक हो और जहाँ हर नागरिक को समान अवसर मिले।”
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