नई दिल्ली:
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आधार वर्ष 2024 (100) के तहत जुलाई 2026 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दर 4.45 प्रतिशत (अस्थायी) दर्ज की गई है। जून 2026 में यह दर 4.38 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई 4.84 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 3.96 प्रतिशत रही।
खाद्य महंगाई और प्रमुख कारण
जुलाई 2026 के लिए उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति दर 5.52 प्रतिशत रही। ग्रामीण इलाकों में खाद्य मुद्रास्फीति 5.79 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 5.05 प्रतिशत दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा महंगे उत्पाद: चांदी के आभूषणों में सबसे अधिक 109.84% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा अदरक (83.62%), लहसुन (35.36%), सोने/हीरे के आभूषण (32.98%) और प्याज (22.54%) उच्च मुद्रास्फीति वाले शीर्ष उत्पादों में शामिल रहे।
सस्ते उत्पाद: आलू (-16.56%), मोटर कार व जीप (-6.72%), भिंडी (-5.52%), मटर (-5.27%) और टमाटर (-4.59%) की कीमतों में गिरावट देखी गई।
राज्यवार आंकड़े
राज्यों में तेलंगाना में सबसे अधिक 6.32 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर्ज की गई, इसके बाद आंध्र प्रदेश (5.72%), तमिलनाडु (5.44%), पुदुचेरी (5.41%) और केरल (4.01%) का स्थान रहा। मिजोरम में सबसे कम 1.84 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुसार जुलाई महीने के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से 100% प्रतिक्रिया दर प्राप्त हुई है। अगस्त 2026 के लिए सीपीआई आंकड़े 14 सितंबर, 2026 को जारी किए जाएंगे।

