चेन्नई, 6 अक्टूबर 2025 — भारत के 5G नेटवर्क की सुरक्षा और मजबूती को अब नया बल मिलने जा रहा है। IIT मद्रास की प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के अंतर्गत संचालित टेलीकॉम सिक्योरिटी टेस्टिंग लैब (TSTL) को भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) से आधिकारिक मान्यता मिल गई है। यह देश की पहली लैब बन गई है, जिसे 5G नेटवर्क और उससे जुड़े उपकरणों की सुरक्षा जांच करने की अनुमति मिली है।

यह मंजूरी भारत में 5G को तेज़ी से, सुरक्षित तरीके से और आत्मनिर्भरता के साथ लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

अब विदेशी लैब की ज़रूरत नहीं

अब तक भारत को 5G नेटवर्क उपकरणों की सुरक्षा जांच के लिए विदेशी लैब्स पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन TSTL को मिला यह प्रमाणन इस निर्भरता को खत्म कर देगा। अब 5G से जुड़े कोर नेटवर्क फंक्शन, जैसे कि एक्सेस एंड मोबिलिटी मैनेजमेंट फंक्शन (AMF) और 5G ग्रुप-I उपकरणों की सुरक्षा जांच देश में ही संभव होगी।

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NCSS और ComSec स्कीम के तहत मिली मान्यता

TSTL को यह मान्यता नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेशन सिक्योरिटी (NCSS) से मिली है, जो कि भारत में टेलीकॉम और ICT उत्पादों की सुरक्षा जांच और प्रमाणन का मुख्य निकाय है। यह काम कम्युनिकेशन सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन स्कीम (ComSec) के अंतर्गत किया जाता है।

अब इस लैब के माध्यम से 5G के 21 कोर-नेटवर्क फंक्शंस की सुरक्षा परीक्षण भारत में ही किया जाएगा। यह परीक्षण भारतीय टेलीकॉम सुरक्षा मानक (ITSAR) के अनुसार होगा, जिससे 5G नेटवर्क की सुरक्षा का स्तर और ऊंचा होगा।

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IIT मद्रास की बड़ी भूमिका

IIT मद्रास के निदेशक वी. कमकोटी ने इस अवसर को संस्थान की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा,

“इस प्रमाणन से न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। अब हम विदेशी लैब्स पर निर्भर नहीं रहेंगे, और हमारे देश के युवा वैज्ञानिक और स्टार्टअप्स टेलीकॉम सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार कर सकेंगे।”

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प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन: नवाचार का केंद्र

प्रवरतक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन, IIT मद्रास द्वारा समर्थित एक तकनीकी नवाचार हब है, जो सेंसर, नेटवर्किंग, कंट्रोल सिस्टम और सुरक्षा तकनीकों पर काम करता है। फाउंडेशन के CEO एम.जे. शंकर रमण ने बताया:

“TSTL का यह प्रमाणन भारत को मजबूत और सुरक्षित दूरसंचार अवसंरचना विकसित करने की क्षमता प्रदान करता है। यह लैब अब उन उपकरणों की जांच कर सकेगी, जिनकी मदद से भारत में भरोसेमंद 5G सेवाएं लागू की जाएंगी।”

TSTL को मिली यह मान्यता भारत के लिए सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आधुनिक 5G इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक निर्णायक कदम है। अब भारत न सिर्फ 5G को तेज़ी से लागू कर सकेगा, बल्कि अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रख पाएगा।

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