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हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। एक मां ने अपने ही बेटे की सलामती और लंबी उम्र की चाहत में अपनी 13 वर्षीय मासूम बेटी की बलि चढ़ा दी।
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यह जघन्य वारदात न केवल अंधविश्वास की पराकाष्ठा है, बल्कि अवैध संबंधों और मानवीय संवेदनाओं के खत्म होने का एक काला दस्तावेज भी है। पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करते हुए कलयुगी मां, उसके प्रेमी और हत्या में शामिल एक भगतिन को गिरफ्तार कर लिया है।
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इस रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश की शुरुआत तब हुई जब आरोपी महिला को एक भगतिन ने यह विश्वास दिलाया कि उसके बेटे पर भारी संकट है और उसकी जान बचाने का एकमात्र रास्ता ‘बेटी की बलि’ है। अंधविश्वास के अंधेपन में डूबी मां ने अपने ममतामयी आंचल को ही मासूम की मौत का कफन बना दिया।
इस खूनी खेल में महिला का प्रेमी भी बराबर का साझीदार बना, जिन्होंने मिलकर इस पूरी वारदात की रूपरेखा तैयार की और बेहद बेरहमी से बच्ची को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस की तफ्तीश में यह बात भी निकलकर सामने आई कि इस हत्याकांड के पीछे अवैध संबंधों को छुपाने की मंशा भी छिपी हो सकती थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे पूरी तरह गुप्त रखने की कोशिश की, लेकिन मासूम की चीखें कानून की नजरों से छिप न सकीं। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो मां के बयानों में विरोधाभास मिला और धीरे-धीरे इस खौफनाक हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं।
आज पूरा इलाका इस बात से स्तब्ध है कि कैसे एक मां किसी तांत्रिक के बहकावे में आकर अपनी ही कोख से जन्मी संतान की जान ले सकती है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है और प्रशासन इस मामले में सख्त सजा दिलाने की तैयारी में जुटा है।
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