नई दिल्ली: अगर आपको अपने स्मार्टफोन को बार-बार चार्ज करना पड़ता है या उसकी बैटरी पहले के मुकाबले बहुत जल्दी डिस्चार्ज होने लगी है, तो जरूरी नहीं कि बैटरी ही खराब हो। अक्सर हमारे फोन में मौजूद कुछ ऐसे ऐप्स होते हैं, जो बैकग्राउंड में लगातार चलते रहते हैं और जरूरत से ज्यादा बैटरी चूसते रहते हैं। एक स्मार्ट यूजर के तौर पर आपको यह पता होना चाहिए कि आपके फोन की पावर आखिर जा कहां रही है। अच्छी बात यह है कि बिना किसी बाहरी ऐप को इंस्टॉल किए, आप एंड्रॉयड (Android) और आईफोन (iPhone) दोनों की इन-बिल्ट सेटिंग्स से ही इन ‘बैटरी चोर’ ऐप्स का आसानी से पता लगा सकते हैं।
एंड्रॉयड (Android) स्मार्टफोन्स में बैटरी की खपत की जांच करना बेहद सरल है। इसके लिए अपने फोन की ‘Settings’ में जाकर ‘Battery’ या ‘Battery and Device Care’ विकल्प का चुनाव करें और फिर ‘Battery Usage’ पर टैप करें। यहाँ आपको एक पूरी लिस्ट दिखाई देगी, जो यह स्पष्ट करती है कि पिछले 24 घंटों में या आखिरी बार फुल चार्ज होने के बाद किस ऐप ने कितने प्रतिशत बैटरी का इस्तेमाल किया है। यदि इस लिस्ट में कोई ऐसा ऐप सबसे ऊपर दिख रहा है जिसे आप बहुत कम इस्तेमाल करते हैं, तो समझ लीजिए कि वही ऐप बैकग्राउंड में छिपकर आपकी बैटरी खत्म कर रहा है।
वहीं एपल के आईफोन (iPhone) में बैटरी कंजम्पशन को लेकर और भी सटीक जानकारी मिलती है। इसके लिए iPhone की ‘Settings’ में जाकर ‘Battery’ वाले सेक्शन में जाएं, जहाँ आपको पिछले 24 घंटे या पिछले 10 दिनों का विस्तृत डेटा मिल जाएगा। यहाँ ऐप्स की सूची के बगल में दिए गए ‘Show Activity’ ऑप्शन पर क्लिक करके आप यह भी देख सकते हैं कि किसी ऐप ने स्क्रीन पर कितना समय लिया और बैकग्राउंड में कितनी बैटरी खर्च की। इसके अलावा यदि आप बैटरी हेल्थ और डीप एनालिसिस को लेकर ज्यादा गंभीर हैं, तो Google Play Store पर मौजूद थर्ड-पार्टी ऐप्स की मदद भी ले सकते हैं।
इन ‘बैटरी चोर’ ऐप्स से निपटने और फोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के लिए कुछ आसान स्मार्ट तरीके अपनाए जा सकते हैं। सबसे पहले गैर-जरूरी ऐप्स के लिए ‘Background App Refresh’ को बंद कर दें और सोशल मीडिया ऐप्स के लगातार आने वाले नोटिफिकेशन्स को बंद रखें ताकि स्क्रीन बार-बार ऑन न हो। भारी-भरकम ऐप्स के स्थान पर उनके ‘Lite’ वर्जन्स का इस्तेमाल करें जो कम स्पेस और कम बैटरी खर्च करते हैं। साथ ही, एंड्रॉयड यूजर्स उन ऐप्स को ‘Deep Sleep’ मोड में डाल सकते हैं जिनका वे हफ्तों तक इस्तेमाल नहीं करते, जिससे वे बैकग्राउंड में इंटरनेट या बैटरी का इस्तेमाल न कर सकें।


