नई दिल्ली। अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो एयरपोर्ट पहुंचते ही कैमरा ऑन कर लेते हैं और ‘चलो ले चलें तुम्हें तारों के शहर में…’ वाले बैकग्राउंड म्यूजिक पर रील्स बनाना शुरू कर देते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा झटका है। अब एयरपोर्ट पर कूल दिखने का यह शौक आपको बहुत भारी पड़ने वाला है।

सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स बटोरने के चक्कर में सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और BCAS (ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी) ने अपना शिकंजा कस दिया है। नई गाइडलाइन के तहत अब एयरपोर्ट के कई हिस्सों में वीडियो या फोटो खींचना पूरी तरह से ‘नो-एंट्री ज़ोन’ बन चुका है।

भूलकर भी इन जगहों पर न खोलें कैमरा (यहाँ पूरी तरह BAN है)

नई कड़क गाइडलाइन के मुताबिक, एयरपोर्ट के इन संवेदनशील इलाकों में कैमरा ऑन करना अपराध की श्रेणी में आएगा:

  • सुरक्षा होल्ड एरिया (Security Check Zone): जहां CISF के जवान आपकी और आपके सामान की चेकिंग करते हैं, वहां रील या वीडियो बनाना सख्त मना है।

  • एप्रन और पार्किंग एरिया (Plane Parking & Bus Route): जब आप बस से उतरकर विमान की तरफ बढ़ते हैं, तो रास्ते में रुककर ‘हवाई जहाज के साथ पोज’ देना या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

क्या करने की है छूट? > आप फ्लाइट के अंदर अपनी सीट पर बैठकर टेक-ऑफ, लैंडिंग या उड़ान के दौरान खिड़की से सामान्य फोटो-वीडियो ले सकते हैं। लेकिन… ट्विस्ट आगे है!

केबिन क्रू की बात नहीं मानी, तो कहलाएंगे ‘अनरूली पैसेंजर’

फ्लाइट के अंदर अगर केबिन क्रू (एयर होस्टेस या स्टाफ) आपसे कैमरा बंद करने को कहता है, तो हीरो बनने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। तुरंत उनकी बात मानें। अगर आप मना करने के बाद भी चुपके से वीडियो बनाते रहे या बहस की, तो आपको ‘अनरूली पैसेंजर’ (उग्र/अशिष्ट यात्री) घोषित कर दिया जाएगा।

‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन: अगर नियम तोड़ा, तो क्या होगा अंजाम?

डीजीसीए अब इस मामले में बिल्कुल भी ‘सॉरी’ सुनने के मूड में नहीं है। नियम तोड़ने वालों के लिए सजा का पूरा इंतजाम है:

  • फोन और गैजेट्स जब्त: नियमों का उल्लंघन करने पर ऑन-ड्यूटी CISF जवान आपका चमचमाता हुआ स्मार्टफोन या कैमरा तुरंत जब्त कर सकते हैं।

  • हवाई यात्रा पर फुल स्टॉप (No-Fly List): नियमों की धज्जियां उड़ाने पर आपको 3 महीने से लेकर 2 साल या उससे भी अधिक समय के लिए ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में डाला जा सकता है। यानी फिर आप चाहकर भी फ्लाइट का टिकट नहीं बुक कर पाएंगे।

  • पुलिस केस की नौबत: मामला ज्यादा बढ़ने पर एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत कानूनी एफआईआर (FIR) भी दर्ज हो सकती है और आपको जेल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

रील्स और यादें अपनी जगह हैं, लेकिन देश की सुरक्षा और दूसरों की सहूलियत अपनी जगह। अगली बार जब फ्लाइट पकड़ने जाएं, तो फोन को जेब में ही रखें। ध्यान रखें—लाइक्स तो बाद में भी मिल जाएंगे, लेकिन अगर एक बार ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में नाम आ गया, तो फिर ट्रेन की मिडिल बर्थ पर ही सफर करना पड़ेगा! सुरक्षित सफर करें, जिम्मेदार नागरिक बनें।

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