रायपुर।
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूरी तरह किसान हितैषी बनाए रखने के लिए राज्य शासन के निर्देश पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। धान के कोचियों, बिचौलियों और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई दोनों तेज कर दी है। अवैध परिवहन, भंडारण, खपत और उपार्जन केंद्रों में पुराने या गैरकानूनी धान की बिक्री के प्रयासों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इसी कड़ी में 13 जनवरी 2026 को बलरामपुर, जशपुर, सक्ती और जांजगीर चांपा जिलों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इन जिलों में कुल करीब 30 हजार 490 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया जबकि अवैध परिवहन में संलिप्त 86 से अधिक वाहनों को पकड़ा गया।
बलरामपुर जिले में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के नेतृत्व में अंतरराज्यीय सीमाओं और चेक पोस्टों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। जिले में अब तक 129 प्रकरणों में 20 हजार 426 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया जा चुका है। इस दौरान 83 वाहनों को भी जब्त किया गया है। वहीं चांदो धान उपार्जन केंद्र में 65 बोरी अवैध धान बेचने के प्रयास को भी समय रहते रोकते हुए कार्रवाई की गई।
जशपुर जिले में कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर बगिया विकासखंड स्थित वेदांश राइस मिल की जांच की गई। जांच के दौरान राइस मिल में 9 हजार 700 क्विंटल धान की कमी पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल मिल को सील कर दिया। संयुक्त जांच दल द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच जारी है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सक्ती जिले में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 331 क्विंटल अवैध धान जब्त किया। इस दौरान अवैध परिवहन में प्रयुक्त ट्रक सहित अन्य वाहनों को भी कब्जे में लिया गया।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान किसानों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध धान परिवहन, भंडारण और बिचौलियों की गतिविधियों पर आगे भी इसी तरह सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी ताकि ईमानदार किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

