ASUMP Scheme 2025-26 के तहत पुलिस मुख्यालय की पहल, डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने वितरित किए मोबाइल, विवेचना में बढ़ेगी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता
*संवाददाता उमेश कुमार प्रजापति* सरगुजा जिले में अपराधों की विवेचना को तकनीकी रूप से अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में सरगुजा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशों के तहत ASUMP Scheme 2025-26 (Modern/Special Plan) के अंतर्गत जिले के 102 विवेचकों को उच्च तकनीकी क्षमता वाले सैमसंग स्मार्ट मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं। इन मोबाइलों का वितरण शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय अंबिकापुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में किया गया।
कार्यक्रम में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ विवेचकों को स्मार्ट मोबाइल फोन वितरित किए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लों सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से विवेचना की गुणवत्ता, गति और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का प्रमुख उद्देश्य देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत ‘ई-साक्ष्य’ का त्वरित, सुरक्षित और वैज्ञानिक संकलन सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि अब विवेचक घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर सकेंगे। स्मार्ट मोबाइल की सहायता से घटनास्थल की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और ऑनलाइन रिपोर्टिंग को व्यवस्थित एवं मानकीकृत किया जाएगा। इससे विवेचना प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय होने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।
पुलिस विभाग के अनुसार, मोबाइल वितरण के इस प्रथम चरण के बाद विवेचकों के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे आधुनिक डिजिटल उपकरणों और ई-साक्ष्य प्रणाली का प्रभावी उपयोग कर सकें। साथ ही डेटा सुरक्षा, तकनीकी सहायता और निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
सरगुजा पुलिस की इस पहल को जिले में स्मार्ट पुलिसिंग और हाईटेक विवेचना प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे अपराधों की जांच अधिक तेज, वैज्ञानिक और प्रभावी बन सकेगी।

