रायपुर में जुटा देश, जंगलों से जुड़े ज्ञान से संवरेगा युवाओं का भविष्य : ‘मूल मंथन’ से बदलेगी 43 जनजातियों तस्वीर
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि बेहद करीब आ चुकी है। बड़ी संख्या में करदाता इस उम्मीद में बैठे हैं कि सरकार अंतिम तिथि को आगे बढ़ाएगी और वे उसके बाद ही अपना रिटर्न दाखिल करेंगे। अगर आप भी इसी इंतजार में हैं, तो यह लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है। एक्सपर्ट्स का स्पष्ट कहना है कि तारीख बढ़ने की अटकलों पर ध्यान देने के बजाय समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लेना ही समझदारी है।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए अब बेहद कम समय बचा है। हर साल देखने में आता है कि अंतिम दिनों में अचानक लाखों लोग एक साथ ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण आयकर विभाग की वेबसाइट धीमी हो जाती है या उसमें तकनीकी खामियां आने लगती हैं। ऐसे में अंतिम समय का इंतजार करने वाले करदाताओं का रिटर्न तकनीकी कारणों से अटक सकता है। इसलिए फॉर्म-16 और अन्य आवश्यक दस्तावेज जुटाकर आज ही रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए।
अगर आपने 31 जुलाई की तय सीमा के भीतर अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया और सरकार ने अंतिम तिथि में कोई विस्तार नहीं किया, तो आपको वित्तीय नुकसान झेलना पड़ेगा। आयकर नियमों के तहत देरी से रिटर्न दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक की लेट फीस (जुर्माना) ली जा सकती है। इसके अलावा, बकाया टैक्स राशि पर प्रति माह एक प्रतिशत की दर से अलग से ब्याज भी देना पड़ेगा।
समय पर ITR सबमिट करने से न केवल आप भारी जुर्माने और कानूनी झंझटों से बचते हैं, बल्कि यदि आपका कोई टैक्स रिफंड बनता है, तो वह भी जल्द ही आपके बैंक खाते में जमा हो जाता है। अंतिम समय की हड़बड़ी और मानसिक तनाव से बचने के लिए सभी करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे आज ही अपना ई-फाइलिंग का काम पूरा कर लें।

