रायपुर | 20 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ में रमजान के पवित्र महीने के दौरान शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को कार्यालय से एक घंटा पहले छुट्टी दिए जाने के दावों पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। पिछले कुछ समय से मीडिया और सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से प्रसारित हो रही थी कि सरकार ने कर्मचारियों को विशेष राहत देते हुए निर्धारित समय से पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति दे दी है, लेकिन पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग ने अब इन खबरों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक बताया है। विभाग की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा गया है कि शासन की ओर से इस संबंध में न तो कोई निर्णय लिया गया है और न ही कोई आदेश या निर्देश जारी किए गए हैं।
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इस पूरे मामले में उस समय असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी जब राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी कर इस कथित आदेश की पुष्टि कर दी थी। उन्होंने सरकार के इस संभावित कदम की सराहना करते हुए इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सामाजिक सद्भाव और धार्मिक संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया था। डॉ. राज ने अपने बयान में यहाँ तक कहा था कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की अवधारणा को प्रतिबिंबित करता है। उनके इस स्वागत योग्य बयान के बाद यह खबर और अधिक चर्चा में आ गई थी।
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हालाँकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के संयुक्त सचिव ने एक पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें और इससे जुड़े दावे तथ्यहीन हैं। सरकार ने साफ किया है कि विभागीय स्तर पर समय में छूट देने जैसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। प्रशासन ने आम जनता और कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस तरह की आधारहीन सूचनाओं पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त जानकारी को ही सच मानें। इस स्पष्टीकरण के बाद अब उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है जो पिछले कुछ दिनों से प्रशासनिक गलियारों और समुदायों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थीं।



