”अभी भी बरकरार है देसी रंगीन और रसीली शहतूत की धाक: जंगलों से निकलकर हाट-बाज़ारों तक का सफर”
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के दौरान जशपुर जिले में धान खरीदी और उसके सुरक्षित रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण विवरण साझा किए गए। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में बताया कि जिले में धान उपार्जन की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा रही है।
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मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2025-26 के दौरान 31 जनवरी 2026 तक जशपुर जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों पर कुल 3,13,605.44 मीट्रिक टन धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई है। उपार्जन केंद्रों पर खरीदे गए इस धान को वर्तमान में सुरक्षित रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। जशपुर जिले के पत्थलगांव में धान संग्रहण केंद्र का संचालन किया जा रहा है, जहाँ आवश्यकता के आधार पर धान संग्रहित किया जाएगा।
धान को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया कि केंद्रों पर कैप कवर की व्यवस्था की गई है ताकि फसल को धूप और बारिश से बचाया जा सके। इसके साथ ही, चूहों द्वारा धान को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्रों पर चूहा नाशक दवाओं का भी उचित प्रबंध किया गया है। किसानों को भुगतान के संबंध में मंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किया जा चुका है।


