जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर एक निजी विमान के क्रैश होने की खबर आग की तरह फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम आनन-फानन में मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद स्पष्ट हुआ कि यह केवल एक गलतफहमी थी।
कैसे फैला भ्रम?
बताया जा रहा है कि नारायणपुर क्षेत्र के आरा पहाड़ और आसपास के जंगलों में सूखे पत्तों की वजह से आग लगी थी, जिससे धुएं का भारी गुबार उठ रहा था। उसी दौरान खनिज सर्वे के काम में लगा एक हेलीकॉप्टर इलाके में कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। घने धुएं और पास उड़ते हेलीकॉप्टर को देखकर ग्रामीणों को अंदेशा हुआ कि कोई विमान पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया है। देखते ही देखते इस घटना का कथित वीडियो भी वायरल होने लगा, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
हादसे की सूचना मिलते ही एसएसपी लाल उमेद सिंह और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य की तैयारी के साथ आरा जंगल की ओर कूच कर गईं। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सर्च ऑपरेशन चलाया।
कलेक्टर ने की पुष्टि
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने स्थिति स्पष्ट करते हुए पुष्टि की है कि जिले में किसी भी तरह का विमान या हेलीकॉप्टर हादसा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया: “जंगल में सूखे पत्तों की आग की वजह से धुआं उठ रहा था। खनिज सर्वे में लगे हेलीकॉप्टर को करीब से उड़ते देख लोगों को क्रैश की आशंका हुई। विमान हादसे की खबर पूरी तरह अफवाह है।”


