नई दिल्ली/रायपुर: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एशिया की सबसे बड़ी खाद्य प्रदर्शनी ‘आहार-2026’ में इस बार छत्तीसगढ़ के स्वाद और यहाँ के उद्यमियों का बोलबाला देखने को मिल रहा है। 10 से 14 मार्च तक चलने वाले इस महाकुंभ में छत्तीसगढ़ के प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (Processed Food) और खास तौर पर मसाला उद्योग से जुड़े स्टार्टअप्स ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
छत्तीसगढ़ के मसालों की मांग और बी2बी नेटवर्क
प्रदर्शनी में कानपुर और अन्य क्षेत्रों के बड़े मसाला समूहों के साथ छत्तीसगढ़ के वितरकों और खुदरा भागीदारों का एक मजबूत नेटवर्क उभर कर सामने आया है। छत्तीसगढ़ में हल्दी, धनिया और मिर्च की बेहतरीन पैदावार को देखते हुए अब यहाँ के उद्यमी ‘स्नैक मैन्युफैक्चरर्स’ को सीज़निंग ब्लेंड्स और नमकीन के लिए विशेष मसाले सप्लाई कर रहे हैं। आहार-2026 जैसे मंच का उपयोग छत्तीसगढ़ के कारोबारी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों में अपना दायरा बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।
स्थानीय स्वादों का आधुनिक अवतार
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के उन स्टार्टअप्स को भी सराहा जा रहा है जो पारंपरिक स्वादों को आधुनिक तकनीक के साथ पेश कर रहे हैं। ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) पहल के तहत छत्तीसगढ़ के विशेष उत्पादों, जैसे बस्तर के महुआ उत्पाद और औषधीय गुणों वाली फसलों को भी वैश्विक मंच मिला है। इसके अलावा, फ्रोजन फूड सेक्टर में छत्तीसगढ़ के बढ़ते निवेश की झलक भी यहाँ देखने को मिली, जहाँ फलों के गूदे (Pulp) और जमे हुए उत्पादों के लिए प्रदेश को एक उभरता हुआ केंद्र माना जा रहा है।
रोजगार और उद्यमिता को नई उड़ान
इस अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के उद्यमियों की भागीदारी न केवल व्यापारिक संबंधों को मजबूत कर रही है, बल्कि प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोल रही है। केंद्र सरकार की पीएमएफएमई (PMFME) योजना का लाभ उठाकर छत्तीसगढ़ के कई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों ने अपनी पैकेजिंग और गुणवत्ता में सुधार किया है, जिससे उनके उत्पादों की स्वीकार्यता बड़े महानगरों में बढ़ी है।


