सोने और चांदी के बाजार में पिछले 72 घंटों से चल रहा सस्पेंस अब एक रोमांचक मोड़ पर आ गया है। तीन दिनों की भारी गिरावट के बाद, सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमतों ने ऐसी ‘U-टर्न’ मारी कि निवेशकों के चेहरे खिल उठे। सुबह बाजार मंदी के साथ खुला, लेकिन दोपहर होते-होते सोने-चांदी की चमक ने सबको हैरान कर दिया। जहां चांदी के दाम में एक ही दिन के भीतर ₹41,000 से ज्यादा की रिकवरी देखी गई, वहीं सोना भी ₹1.5 लाख के पार निकल गया। अगर आप भी गहने खरीदने या निवेश का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है!
MCX पर दिखा ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा: ₹41,000 की बड़ी छलांग
सोमवार का दिन कमोडिटी मार्केट के लिए किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं था। चांदी (Silver Price) दोपहर के समय गिरकर ₹2,25,805 प्रति किलो तक आ गई थी, लेकिन रात होते-होते इसने जबरदस्त वापसी की और ₹2,65,501 का स्तर छू लिया। यानी महज कुछ घंटों में ₹41,600 से ज्यादा की तेजी!
वहीं, सोने (Gold Price) की बात करें तो अप्रैल डिलीवरी वाला सोना ₹1,37,065 पर खुलने के बाद ₹1,50,890 तक पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती के बीच भारतीय बाजार में सट्टेबाजी और लिवाली ने इन कीमतों को हवा दी है।
प्रमुख शहरों में आज के सोने के भाव (24K, 22K, 18K)
देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है:
| शहर | 24K (प्रति ग्राम) | 22K (प्रति ग्राम) | 18K (प्रति ग्राम) |
| दिल्ली (NCR) | ₹15,200 | ₹13,900 | ₹11,300 |
| मुंबई/पुणे | ₹15,317 | ₹14,040 | ₹11,488 |
| जयपुर | ₹15,332 | ₹14,055 | ₹11,503 |
| पटना | ₹15,322 | ₹14,045 | ₹11,498 |
क्यों गिर रहे थे दाम?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस अस्थिरता के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला, केन्द्रीय बजट 2026-27 में इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे बाजार की उम्मीदों को झटका लगा। दूसरा, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव में आई हल्की कमी ने भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को थोड़ा कम किया है।
क्या अब निवेश करना है खतरे की घंटी?
LKP सिक्योरिटीज और पृथ्वी फिनमार्ट के विश्लेषकों ने निवेशकों को ‘Wait and Watch’ यानी ‘रुको और देखो’ की नीति अपनाने की सलाह दी है। जानकारों के मुताबिक, चांदी में अभी और भी बड़े झटके लग सकते हैं। जब तक बाजार में स्थिरता (Stability) नहीं आती, तब तक नए ट्रेड या बड़ी खरीदारी से बचना ही समझदारी है। भू-राजनीतिक हालात और डॉलर की चाल आने वाले दिनों में सोने की अगली दिशा तय करेंगे। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

