कुनकुरी: शिक्षा की नई उमंग और उत्साह के साथ विकासखंड कुनकुरी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोधमा में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिसर को अच्छी तरह सजाया गया था, जहाँ नन्हे-मुन्ने बच्चों और नए विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सरपंच श्रीमती सीता पति साहनी, विशिष्ट अतिथि गीता देवी जी और प्राचार्या श्रीमती एस. एम. खाखा की उपस्थिति में माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन की रस्म 12वीं की छात्राओं द्वारा पूरी की गई, जिसके बाद सरस्वती वंदना की गई। मिडिल और हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को संगीतमय बना दिया।
विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन और सम्मान
शाला प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यार्थियों में नई कक्षाओं में जाने की उत्सुकता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। अतिथियों ने कक्षा 6वीं के नवप्रवेशी विद्यार्थियों को चंदन का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री वितरित की गई।
इस अवसर पर विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया जिसमें शिफा शब्बा (10वीं – 92.22%) और सीता मुनी बाई (90%) को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
कक्षा 8 वीं के मोह्हम्मद जीशान ने बोर्ड मे जिले भर मे तीसरा स्थान लाने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित ‘चकमक’ पत्रिका में लगातार तीन बार लेख लिखने पर विशेष सम्मान दिया गया।इसी प्रकार 8वीं कक्षा में 85% अंक प्राप्त करने वाले शेखर राम को पुरस्कृत किया गया।
प्राचार्या श्रीमती एस. एम. खाखा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए कहा कि ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति नई उमंग और सकारात्मक सोच का संचार करना है। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि लोधमा विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और ‘चकमक’ पत्रिका में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के कारण विद्यालय का नाम न केवल क्षेत्र में बल्कि प्रदेश स्तर पर भी रोशन हुआ है। विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इस नए सत्र में नई ऊर्जा और संकल्प के साथ पढ़ाई में ध्यान लगाएं, क्योंकि विद्यार्थियों की सफलता ही विद्यालय, गाँव और जिले के गौरव का आधार है। अंत में, उन्होंने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहें और उन्हें प्रतिदिन नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि शिक्षक और अभिभावक मिलकर विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर रूप से निखार सकें।
प्रधान पाठिका श्रीमती पुष्पा एक्का ने पालकों से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से शाला भेजें और शिक्षा के प्रति सजग रहें।मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने संबोधन में बच्चों को अनुशासन, समय के सदुपयोग और शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस सफल आयोजन में विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर प्राचार्या श्रीमती एस. एम. खाखा, प्रधान पाठिका श्रीमती पुष्पा एक्का, कमलेश जोशी, श्रीमती मोनिका एक्का, कु. नीलिमा करकेट्टा, राजकुमार गुप्ता, श्रीमती अरुणा तिर्की, अजीत राम, आर. एस. नाग, एस. एम. इकबाल, श्रीमती प्रफुल्ला कुजूर, गजेंद्र साय, श्रीमती सुमन पटेल, मुरारी सहित विद्यालय के समस्त कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित थे।कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण और भविष्य के उज्ज्वल निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

