नई दिल्ली। देश के शिक्षा तंत्र को पूरी तरह से डिजिटल, सुरक्षित और लचीला बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना APAAR (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ पहल के तहत देश भर में 2 जुलाई तक लगभग 26.35 करोड़ वेरिफाइड APAAR आईडी बनाई जा चुकी हैं।

इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक विद्यार्थी को एक विशिष्ट (Unique) डिजिटल अकादमिक पहचान प्रदान करना है, जिससे उनके प्राथमिक स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक ही जगह सुरक्षित और एकीकृत (Integrate) किया जा सके।

क्या है APAAR आईडी और यह कैसे काम करती है?

यह आधार कार्ड की तरह ही 12-अंकों का एक विशिष्ट स्टूडेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर है, जो सीधे एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) और डिजिलॉकर (DigiLocker) सिस्टम से जुड़ा हुआ है।  यह डिजिटल आईडी हायर एजुकेशन, स्कूल एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट, वोकेशनल एजुकेशन और अन्य प्रोफेशनल लर्निंग प्रोग्राम से जुड़े छात्र के सभी एजुकेशनल रिकॉर्ड को एक ही सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लाती है। दूर-दराज और कम सुविधा वाले ग्रामीण इलाकों के छात्र अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आसानी से अपनी APAAR ID बनवा सकते हैं।

ABC सिस्टम: छात्रों के लिए क्यों है यह ‘गेम चेंजर’?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के लक्ष्यों को पूरा करने वाला एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) छात्रों की पढ़ाई को बेहद लचीला और छात्र-अनुकूल बनाता है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • मल्टीपल एंट्री और एग्जिट (Multiple Entry & Exit): यदि कोई छात्र किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ देता है, तो उसकी पढ़ाई बेकार नहीं जाएगी। उसके द्वारा अर्जित ‘क्रेडिट’ डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रहेंगे।

  • 7 साल की वैधता: छात्र अपनी पढ़ाई छोड़ने के बाद 7 साल की समय-सीमा के भीतर कभी भी दोबारा पढ़ाई शुरू कर सकता है और पुराने क्रेडिट को रिडीम (Redeem) या ट्रांसफर करके अपनी शिक्षा को वहीं से आगे बढ़ा सकता है।

  • आसान क्रेडिट ट्रांसफर: इसके जरिए छात्र एक संस्थान से दूसरे संस्थान या यूनिवर्सिटी में बिना किसी कागजी झंझट के अपने क्रेडिट ट्रांसफर कर सकते हैं।

  • वैश्विक मान्यता: अलग-अलग संस्थानों और विषयों में प्राप्त शैक्षणिक उपलब्धियों को इस सिस्टम के तहत पूरी मान्यता दी जाती है।

एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) के मुख्य फायदे

विशेषता छात्रों को मिलने वाला सीधा लाभ
डिजिटल रिकॉर्ड डिग्रियां, मार्कशीट और क्रेडिट्स पूरी तरह सुरक्षित और ऑनलाइन उपलब्ध।
पारदर्शिता नकली दस्तावेज या डिग्री के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम।
लचीलापन अपनी मर्जी से विषय और संस्थान बदलने तथा पढ़ाई को बीच में रोकने-शुरू करने की आजादी।
एकीकृत इकोसिस्टम स्कूल, यूनिवर्सिटी, और स्किल सेंटर सब एक ही डिजिटल नेटवर्क से जुड़े।

पारदर्शिता और सुविधा का नया डिजिटल युग

एबीसी और अपार (APAAR) मिलकर देश के छात्रों के लिए एक ऐसा भरोसेमंद डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं, जो न सिर्फ उनके समय की बचत करेगा बल्कि शिक्षा को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाएगा। अब छात्रों को अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट्स के खोने या फटने का डर नहीं रहेगा, और नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए दस्तावेज वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी चुटकियों में पूरी हो सकेगी।

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