रायपुर/छत्तीसगढ़। शिक्षक साझा मंच के “सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा” के तहत आज 22 अगस्त को प्रदेशभर के विकासखंडों में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों द्वारा धरना, रैली और ज्ञापन का आयोजन किया जा रहा है। मंच ने इस आंदोलन में व्याख्याता सहित शिक्षा विभाग के सभी शिक्षक साथियों से शामिल होकर आंदोलन को जनव्यापी बनाने का आह्वान किया है।
शिक्षक साझा मंच की मांगों को कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का प्रांतीय समर्थन
शिक्षक साझा मंच का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और विसंगतिपूर्ण नीतियों के खिलाफ है। शिक्षकों का मुख्य सवाल शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों से अचानक TET प्रमाणपत्र की मांग की जा रही है, जबकि सेवारत शिक्षकों को TET में शामिल होने के लिए विभागीय स्तर पर पर्याप्त और स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
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मंच से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि RTE लागू होने और वर्ष 2017 में हुए संशोधन के बाद भी सेवारत शिक्षकों के लिए TET आयोजित कराने की दिशा में विभाग/DPI द्वारा समयबद्ध व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में वर्षों से अध्यापन कर रहे शिक्षक अचानक TET प्रमाणपत्र कहां से उपलब्ध कराएं, यह सबसे बड़ा सवाल है।
आंदोलनरत शिक्षकों का दूसरा प्रमुख सवाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए समय को लेकर है। शिक्षकों का कहना है कि यदि TET उत्तीर्ण करने के लिए अगस्त/सितंबर 2028 तक अवसर उपलब्ध है, तो विभाग को सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा की स्पष्ट व्यवस्था, पर्याप्त अवसर और समयबद्ध कार्यक्रम जारी करना चाहिए। शिक्षकों का सवाल है कि क्या विभाग सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित करेगा? यदि करेगा तो उसकी प्रक्रिया और तारीख कब घोषित होगी?
रविन्द्र राठौर अध्यक्ष सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन का कहना है कि वर्षों से विद्यालयों में सेवा दे रहे शिक्षकों को अचानक उनकी नौकरी और भविष्य की चिंता में डालना उचित नहीं है। शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए TET के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाएं, सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा व्यवस्था की जाए तथा वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया को प्रभावित न किया जाए।
प्रदीप पाण्डेय, संचालक शिक्षक साझा मंच ने कहा कि प्राथमिक, माध्यमिक के शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और DPI हमें वो आदेश क्यों नहीं दिखाता कि हमें कब टेट करने को कहा है इसलिए यह केवल किसी एक संवर्ग का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा व्यापक विषय है।
आज होने वाली विकासखंड स्तरीय रैली और ज्ञापन के माध्यम से शिक्षक शासन-प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाएंगे। मंच ने सभी शिक्षकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में शामिल होने तथा “सेवा सुरक्षा, न्याय और सम्मान” की आवाज को मजबूती देने की अपील की है।
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शिक्षक साझा मंच का संदेश है—नीति ऐसी हो जो शिक्षक को भयमुक्त करे, सेवा को सुरक्षित करे और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए।

