बैजनाथपुर जलाशय में सिल्ट जमा होने से ग्रामीण आक्रोशित, 10 दिनों में काम शुरू न होने पर ‘चक्का जाम’ की चेतावनी
सूरजपुर, छत्तीसगढ़। जनपद भैयाथान के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बैजनाथपुर (ब) के ग्रामीणों ने जलाशय बांध की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन से स्वीकृति मिलने के बावजूद ठेकेदार की लापरवाही के कारण बांध का काम अधूरा पड़ा है, जिससे आने वाले समय में जल संकट गहरा सकता है।
मुख्य समस्या: मिट्टी के जमाव से खत्म हुई जलभराव क्षमता
आवेदन के अनुसार, वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों की मांग पर शासन ने जलाशय के जीर्णोद्धार की स्वीकृति दी थी। जलाशय के ऊपरी हिस्से में एसईसीएल (SECL) भटगाँव द्वारा मिट्टी डाली गई थी। बारिश और अन्य कारणों से यह मिट्टी बहकर जलाशय के भीतर जमा हो गई है, जिससे बांध की जलभराव क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई है।
ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा कार्य तो शुरू किया गया था, लेकिन संबंधित ठेकेदार काम को आधा-अधूरा छोड़कर गायब है। काम बंद होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मिट्टी नहीं हटाई गई और बांध का काम पूरा नहीं हुआ, तो खेती और निस्तारी के लिए पानी का घोर संकट पैदा हो जाएगा।
10 दिनों का अल्टीमेटम: चक्का जाम की तैयारी
कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर कार्य पुनः प्रारंभ नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामवासी उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।

