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रायपुर/ब्यूरो:
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के आम चुनाव व उपचुनाव के लिए चुनावी शंखनाद के बाद सोमवार को सुबह से मतदान प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित मतदान संपन्न कराने के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस चुनावी महासंग्राम में अपनी किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाताओं द्वारा मतपेटियों और ईवीएम में बंद कर दिया जाएगा, जिसके मतों की गणना और परिणामों की आधिकारिक घोषणा आगामी 4 जून को की जाएगी। आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए आधार कार्ड सहित कुल 18 प्रकार के पहचान पत्रों को मान्यता दी है, जिसे दिखाकर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
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अलग-अलग भौगोलिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए मतदान के समय में अंतर रखा गया है। सभी संबंधित नगरीय निकायों में मतदान की प्रक्रिया सुबह 8:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:00 बजे तक चलेगी। वहीं दूसरी ओर, त्रिस्तरीय पंचायतों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों के मद्देनजर सुबह 7:00 बजे से ही मतदान प्रारंभ हो जाएगा, जो दोपहर 3:00 बजे तक ही चलेगा।
इस बार के स्थानीय चुनावों में एक दिलचस्प तकनीकी और पारंपरिक संगम देखने को मिलेगा। नगरीय निकायों के अंतर्गत आने वाले 44,525 मतदाताओं के लिए कुल 115 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ वोटिंग पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से डिजिटल रूप में कराई जाएगी। इसके विपरीत, त्रिस्तरीय पंचायतों के विस्तृत ग्रामीण अंचल में आने वाले 10,37,789 मतदाताओं के लिए आयोग ने 937 मतदान केंद्र निर्धारित किए हैं, जहाँ चुनाव पुराने और पारंपरिक तरीके से मतपेटी (बैलेट बॉक्स) और मतपत्र के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा।
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स्थानीय निकायों और पंचायतों के रिक्त पदों को भरने के लिए नामांकन की प्रक्रिया 11 मई से शुरू होकर 18 मई तक चली थी। वर्तमान स्थिति के अनुसार, नगरीय निकायों में अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए कुल 240 उम्मीदवार और त्रिस्तरीय पंचायतों के विभिन्न पदों के लिए 392 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अगर विस्तार से देखें तो नगरपालिकाओं के अध्यक्ष के 5 पदों पर निर्वाचन के लिए 19 अभ्यर्थी मैदान में आमने-सामने हैं, जबकि पार्षदों के 77 रिक्त पदों में से 71 स्थानों पर वास्तविक मतदान होगा, जहाँ कुल 221 उम्मीदवार एक-दूसरे को टक्कर दे रहे हैं। इसी तरह, जनपद सदस्यों के कुल 10 रिक्त पदों को भरने के लिए इस बार चुनावी मैदान में 41 उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
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सरपंच के कुल 82 रिक्त पदों में से 30 पदों पर कोई नामांकन प्राप्त नहीं हुआ, जबकि 3 नामांकन निरस्त कर दिए गए। इनमें से 15 सरपंचों का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही हो चुका है और अब शेष बचे 34 पदों के लिए 105 अभ्यर्थी आमने-सामने मैदान में डटे हैं। वहीं दूसरी ओर, पंचों के कुल 1,136 पदों में से सबसे अधिक 640 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन संपन्न हो चुका है, जबकि 385 पदों पर किसी भी उम्मीदवार ने पर्चा नहीं भरा और 4 नामांकन निरस्त हो गए। अब बाकी बचे 107 वार्डों पर मतदान की नौबत आई है, जहाँ 246 प्रत्याशी मैदान में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं, ताकि मतदाता बिना किसी डर या प्रलोभन के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को भी लगातार मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई है।


