रायपुर:
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ के लिए अगले पांच दिनों का बेहद गंभीर पूर्वानुमान जारी किया है. बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और एक मजबूत मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने के कारण इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लिए आज यानी 29 जून से लेकर 4 जुलाई तक का समय बेहद संवेदनशील बताया गया है. इन दोनों क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा रहेगा.
वहीं पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज दो चरणों में बदलेगा. पहले चरण में, यानी 29 और 30 जून को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी. इसके बाद 1 जुलाई से मानसून और ज्यादा आक्रामक रूप अख्तियार करेगा, जिससे 4 जुलाई के बीच पूरे मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बहुत तेजी से बढ़ेंगी और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं.
लगातार होने वाली इस बारिश से रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और नागपुर जैसे बड़े शहरों के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
यह बारिश छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान की बुआई के लिहाज से अमृत समान मानी जा रही है, लेकिन मौसम विभाग ने खेतों में अत्यधिक पानी जमा होने से रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा है. आम जनता को भी हिदायत दी गई है कि खराब मौसम के दौरान वे सुरक्षित स्थानों पर रहें, कड़कती बिजली के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और जलभराव वाले पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें.



