बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में उन्हें 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उनके रवैये को “संदिग्ध” बताते हुए 7.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने और दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया है। अगर अभिनेता जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उनकी सजा 6 महीने तक बढ़ सकती है।
- मामला कब शुरू हुआ?
साल 2010 में बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए राजपाल यादव ने मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
- विवाद कैसे शुरू हुआ?
फिल्म फ्लॉप होने के बाद राजपाल यादव समय पर कर्ज नहीं चुका सके, भुगतान के लिए जारी चेक बाउंस हो गया और इसके बाद कंपनी ने अदालत का रुख किया।
- हाई कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद राजपाल यादव ने बकाया रकम नहीं चुकाई, इसलिए उनके रवैये को संदिग्ध मानते हुए राहत देने से इनकार कर दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया।
- क्या सजा सुनाई गई?
दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को 3 महीने की जेल और 7.35 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर उनकी जेल की अवधि 6 महीने तक बढ़ सकती है।
- पहले भी जा चुके हैं जेल, कोर्ट ने दिया था राहत का मौका
इस साल 2 फरवरी को हाई कोर्ट के सरेंडर आदेश के बाद राजपाल यादव ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था और वे 17 फरवरी तक करीब 12 दिन जेल में रहे। इससे पहले जून 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाकर करीब 9 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने का मौका दिया था, लेकिन तय समय में भुगतान नहीं होने पर उन्हें राहत नहीं मिल सकी।

