सूर्य के रहस्यों का खुलासा: भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजी सूरज की चुंबकीय शक्ति मापने की नई तकनीक, अंतरिक्ष तूफानों से बचाएगी यह खोज 

नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास में शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) का दिन एक बड़े उलटफेर का गवाह बना। लोकसभा में भारी हंगामे और 21 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक गिर गया। सदन में वोटिंग के दौरान सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार करने में विफल रही।

वोटिंग का गणित: 54 वोटों से चूकी सरकार

सदन में मौजूद कुल 528 सांसदों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। संविधान संशोधन के लिए सरकार को 352 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन विधेयक के पक्ष में केवल 298 वोट ही पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। आवश्यक बहुमत न मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधेयक के गिरने की आधिकारिक घोषणा की। मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब उनके द्वारा लाया गया कोई संविधान संशोधन विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका।

“भारत का AI विरोधाभास: एक तरफ 10 करोड़ यूजर्स का आंकड़ा, दूसरी तरफ शहरों-गांवों के बीच ‘AI गैप’; पर छत्तीसगढ़-असम की कामयाबी ने चौंकाया!”

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार

विधेयक गिरने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गहरा खेद व्यक्त करते हुए कहा, “यह महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक मौका था, जिसे विपक्ष ने गंवा दिया। हमारा अभियान रुकने वाला नहीं है।”

वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “यह केवल आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि चुनावी व्यवस्था को बदलने की एक कोशिश थी। यह संविधान की मूल भावना पर हमला था, जिसे विपक्ष ने एकजुट होकर नाकाम कर दिया।”

एलपीजी सिलेंडर की छुट्टी: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम ‘सूर्य नूतन’ से बदल जाएगी आपकी रसोई।

अमित शाह का कड़ा रुख और गृह युद्ध जैसी बहस

वोटिंग से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने करीब 21 घंटे चली चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन का विरोध वास्तव में एससी-एसटी (SC-ST) समुदाय की सीटें बढ़ाने का विरोध है। शाह ने धर्म के आधार पर आरक्षण की संभावना को खारिज करते हुए दक्षिण भारतीय राज्यों को आश्वासन दिया कि परिसीमन के बाद भी उनके प्रतिनिधित्व के साथ अन्याय नहीं होगा।

iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर शुरू हुआ ऑनलाइन ट्रेनिंग का दौर, जानें प्रक्रिया

क्या था इस विधेयक का प्रस्ताव?

इस विधेयक के जरिए सरकार भारतीय चुनावी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी में थी: 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था। वर्ष 2029 के चुनावों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने की योजना थी।

विधेयक के गिरने के साथ ही अब 2029 के चुनावों में महिला आरक्षण लागू होने की संभावनाओं पर फिलहाल प्रश्नचिह्न लग गया है।

छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026: मूल्यांकन पूरा, अब सिर्फ ‘घोषणा’ का इंतज़ार; जानें किस तारीख को आ सकते हैं 10वीं-12वीं के नतीजे, 5वीं-8वीं बोर्ड के नतीजे भी कतार में

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version