नई दिल्ली: भारत को दुनिया का सबसे सुरक्षित और सुलभ पर्यटन केंद्र बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। पर्यटन मंत्रालय ने घरेलू और विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए 24×7 बहुभाषी हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। इस सेवा के माध्यम से पर्यटक अब टोल-फ्री नंबर 1800111363 या शॉर्ट कोड 1363 पर कॉल करके अपनी ही भाषा में जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
सतही और भूजल का बदलता परिदृश्य: ‘कैच द रेन’ से ‘नदी जोड़ो’ अभियान तक का सफर
12 भाषाओं में मिलेगी मदद
इस हेल्पलाइन की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुभाषी होना है। यह सेवा 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं सहित कुल 12 भाषाओं में उपलब्ध है। इसका प्राथमिक उद्देश्य भारत भ्रमण पर आए सैलानियों को न केवल यात्रा संबंधी जानकारी देना है, बल्कि संकट की स्थिति में उन्हें उचित मार्गदर्शन और सुरक्षा सहायता प्रदान करना भी है।
निजी स्कूलों को बड़ी राहत: अब खुद ले सकेंगे लोकल परीक्षाएं, शिक्षा विभाग ने संशोधित किया अपना आदेश!
15 राज्यों में तैनात हुई ‘पर्यटन पुलिस’
पर्यटकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मंत्रालय ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर एक समर्पित ‘पर्यटन पुलिस’ बल का गठन किया है। अब तक दिल्ली, गोवा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कुल 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने यहाँ पर्यटन पुलिस की तैनाती कर दी है। इसके साथ ही, महिला पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ‘निर्भया निधि’ के अंतर्गत ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल’ योजना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
परीक्षा पे चर्चा’ बना देश का नया जन आंदोलन: प्रधानमंत्री ने साझा किया विकसित भारत का शैक्षिक विजन
हवाई कनेक्टिविटी और ई-वीजा का विस्तार
पर्यटन स्थलों तक पहुँच को आसान बनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। ‘उड़ान’ (RCS-UDAN) योजना के तहत 53 प्रमुख पर्यटन मार्गों के लिए हवाई कनेक्टिविटी में सुधार किया जा रहा है। वहीं, विदेशी पर्यटकों के लिए ई-वीजा की सुविधा को अब 175 देशों तक बढ़ा दिया गया है। वर्तमान में ई-वीजा की 14 श्रेणियां उपलब्ध हैं, जो देश के 38 हवाई अड्डों और प्रमुख बंदरगाहों के माध्यम से प्रवेश के लिए मान्य हैं।
गाँवों में बढ़ी पारदर्शिता और ताकत: पंचायतों को मिले ज्यादा अधिकार, नए कंप्यूटर और ई-ग्रामस्वराज से आसान हुआ कामकाज
डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था
पर्यटन उद्योग में पारदर्शिता लाने के लिए मंत्रालय ने ‘निधि+’ (Nidhi+) पोर्टल लॉन्च किया है। इसके माध्यम से होटल और अन्य पर्यटन सेवा प्रदाता अपनी मान्यता और वर्गीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया पेमेंट गेटवे से जुड़ी है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी और सेवा वितरण में तेजी आएगी।
निष्कर्ष: पर्यटन मंत्रालय ने सभी हितधारकों के साथ मिलकर ‘सुरक्षित और सम्मानजनक पर्यटन के लिए आचार संहिता’ को भी अपनाया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटन गतिविधियों के दौरान महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो और पर्यटकों को एक गरिमापूर्ण अनुभव मिल सके।

