परिसीमन से बदलेगा छत्तीसगढ़ का सियासी नक्शा: बढ़ सकती हैं आरक्षित सीटें, कई सामान्य होने के आसार, जाने कहाँ कहाँ कितनी बढ़ेंगी सीट..
बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वहां से आ रही नमी के कारण मध्य और पूर्वी भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। मौसम विभाग ने झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लिए अगले 5 दिनों का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। आज यानी 3 अप्रैल को आंशिक बादलों के बीच मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन 4 अप्रैल से आसमान में बादलों का डेरा शुरू हो जाएगा।
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झारखंड: 40-50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
झारखंड में 4 और 5 अप्रैल को मौसम सबसे ज्यादा अस्थिर रहेगा। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और पलामू समेत अधिकांश जिलों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। 5 अप्रैल को पूरे राज्य में वज्रपात (बिजली गिरने) और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, 6 से 8 अप्रैल तक बारिश की तीव्रता थोड़ी कम होगी, लेकिन बादलों का आना-जाना बना रहेगा।
छत्तीसगढ़: बस्तर से सरगुजा तक राहत और आफत
झारखंड से सटे छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाकों (सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर) में 4 अप्रैल की शाम से मौसम बदल जाएगा। बंगाल की खाड़ी से आ रही ठंडी हवाओं के कारण रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है। बस्तर संभाग में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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ओडिशा: तटीय इलाकों में काल बैसाखी का खतरा
ओडिशा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर सबसे पहले तटीय और आंतरिक जिलों में दिखेगा। मयूरभंज, क्योंझर और बालेश्वर जैसे झारखंड से सटे जिलों में 4 और 5 अप्रैल को ‘काल बैसाखी’ (तेज आंधी-तूफान) जैसी स्थिति बन सकती है। भुवनेश्वर और कटक में उमस भरी गर्मी के बाद शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश होने की उम्मीद है। ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
तापमान का गणित: गर्मी के बाद ठंडक
पिछले 24 घंटों में जमशेदपुर और मेदिनीनगर में पारा 39.4 डिग्री तक पहुँच गया था, वहीं गिरिडीह में भी 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़त हो सकती है, लेकिन बारिश शुरू होते ही पारा तेजी से नीचे गिरेगा। गुरुवार रात को नोवामुंडी (झारखंड) में हुई हल्की बूंदाबांदी ने पहले ही ठंडक का अहसास करा दिया है।
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सावधान रहें: बिजली और पेड़ों से दूर रहें
मौसम विभाग ने वज्रपात (Lightning) को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है: बारिश या गरज के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। आंधी के दौरान बिजली के खंभों और ऊंचे ढांचों से दूर रहें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम के अपडेट पर नजर रखें।
अगले पांच दिनों तक झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मौसम सुहावना तो रहेगा, लेकिन आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। घर से निकलते समय मौसम की स्थिति जरूर जांच लें।आज से शुरू हुई दुनिया की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना; अब कागज़ नहीं, मोबाइल से रचा जाएगा इतिहास!

